रांची से अरविंद कुमार सिंह की रिपोर्ट
JPSC Student Protest: जेपीएससी-जेएसएससी समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों से बातचीत के लिए राज्य सरकार ने पहल की है. सरकार की ओर से एसडीओ कुमार रजत छात्रों के बीच पहुंचे और सरकार का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से वार्ता करने के लिए तैयार है, ताकि उनकी मांगों और समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की जा सके.
छात्रों ने रखी खुली वार्ता की शर्त
सरकार के प्रस्ताव पर छात्रों ने भी बातचीत के लिए अपनी सहमति जताई, लेकिन इसके साथ एक स्पष्ट शर्त रख दी. आंदोलनरत छात्रों ने कहा कि वे बंद कमरे में बातचीत नहीं करेंगे. उनका कहना है कि सरकार के साथ होने वाली वार्ता सार्वजनिक होनी चाहिए और मीडिया की मौजूदगी में होनी चाहिए, ताकि बातचीत पूरी तरह पारदर्शी रहे. छात्रों का कहना है कि उनकी मांगें पूरे राज्य के युवाओं से जुड़ी हैं, इसलिए बातचीत भी खुले मंच पर होनी चाहिए.
शाम तक निर्णय लेने की बात कही
छात्रों ने कहा कि सरकार के प्रस्ताव पर वे आपस में विचार-विमर्श करेंगे. आंदोलन में शामिल छात्रों ने बताया कि शाम पांच से छह बजे के बीच वे अपना अंतिम निर्णय लेंगे और उसके बाद सरकार को अपनी आधिकारिक प्रतिक्रिया देंगे. फिलहाल आंदोलन स्थल पर छात्रों की बैठक जारी है और विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की जा रही है.
सीएम बोले, सरकार के दरवाजे सभी के लिए खुले
इस बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आंदोलन के मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी. छात्रों से सरकार के किसी प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात के सवाल पर उन्होंने सीधे तौर पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया, लेकिन कहा कि सरकार के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों की मांगें प्रत्यक्ष रूप से सरकार तक पहुंच रही हैं और सरकार सभी पक्षों की बातों को गंभीरता से सुन रही है.
छात्र सीधे सरकार से कर सकते हैं बात
मुख्यमंत्री ने कहा कि आंदोलनरत छात्र अपने मुद्दों को लेकर सीधे सरकार से बातचीत कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि सरकार संवाद के पक्ष में है और हर मुद्दे का समाधान बातचीत के माध्यम से निकालने की कोशिश की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाएं केवल झारखंड में ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों में भी सामने आती रही हैं.
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गृह मंत्री से नहीं हुई चर्चा
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि इस पूरे मामले को लेकर अभी गृह मंत्री से उनकी कोई बातचीत नहीं हुई है. हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आवश्यकता महसूस हुई तो इस विषय पर विचार-विमर्श किया जाएगा. फिलहाल सरकार छात्रों की मांगों पर नजर बनाए हुए है और वार्ता के जरिए समाधान निकालने की दिशा में प्रयास कर रही है. मानव इतिहास का बड़ा हिस्सा इसी पर बीता है कि लोग पहले टकराते हैं और फिर अंत में बातचीत की मेज ढूंढ़ते हैं. यहां भी अब निगाहें इस बात पर हैं कि प्रस्तावित वार्ता आगे बढ़ती है या नहीं.
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