JPSC Student Protest: सीएम हाउस के घेराव पर अड़े आंदोलनकारी छात्र, एडीएम-एसडीएम पहुंचे मनाने

JPSC छात्रों का आंदोलन तेज हो गया है. अपनी मांगों को लेकर छात्र 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने पर अड़े हैं. सरकार की ओर से अबतक कोई ठोस पहल नहीं हुई है.


रांची से अरविंद कुमार सिंह की रिपोर्ट

JPSC Student Protest: झारखंड की राजधानी रांची में अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के तेवर फिलहाल नरम पड़ते नहीं दिख रहे हैं. छात्रों ने साफ कर दिया है कि 18 अगस्त तक सरकार की ओर से उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं हुई, तो 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव का कार्यक्रम पूर्व निर्धारित तरीके से होगा. आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि अधिकारियों के साथ हुई बातचीत पूरी तरह अनौपचारिक थी और सरकार की ओर से वार्ता को लेकर उन्हें अबतक कोई आधिकारिक संदेश नहीं मिला है. हालांकि, आंदोलनकारी छात्रों के रुख को देखते हुए एडीएम और एसडीएम उन्हें मनाने के लिए धरनास्थल पर भी पहुंचे.

भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों के बीच पहुंचे अधिकारी

छात्रों के आंदोलन स्थल पर रविवार को रांची के एडीएम लॉ एंड ऑर्डर और एसडीएम कुमार रजत पहुंचे. अधिकारियों ने भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना. अधिकारियों की मौजूदगी को लेकर आंदोलनकारी छात्रों के बीच यह चर्चा हुई कि शायद सरकार की ओर से बातचीत का कोई संदेश लेकर अधिकारी पहुंचे हैं. हालांकि, मुलाकात के बाद छात्रों ने स्पष्ट किया कि ऐसा कुछ नहीं हुआ.


विधि व्यवस्था और हालचाल जानने पहुंचे: एसडीएम

मुलाकात के दौरान एसडीएम ने बताया कि अधिकारी आंदोलन स्थल पर छात्रों का हालचाल जानने और विधि व्यवस्था की स्थिति देखने पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से अधिकारी पहले भी आंदोलन स्थल पर आते रहे हैं. छात्रों के अनुसार, एसडीएम ने भी स्पष्ट किया कि इस मुलाकात का उद्देश्य किसी औपचारिक वार्ता का प्रस्ताव देना नहीं था. यानी प्रशासन और छात्रों के बीच बातचीत हुई, लेकिन उससे कोई नया राजनीतिक या प्रशासनिक संदेश नहीं निकला.

छात्रों को नहीं मिला सरकार की ओर से कोई संदेश

आंदोलनकारी छात्रों ने बताया कि अबतक सरकार की ओर से अगली वार्ता को लेकर कोई आधिकारिक संदेश उनके पास नहीं आया है. छात्रों के मुताबिक, अधिकारियों ने भी यह स्पष्ट किया कि वे सरकार की ओर से बातचीत की कोई तारीख या प्रस्ताव लेकर नहीं पहुंचे थे. ऐसे में छात्रों का कहना है कि आंदोलन को लेकर उनकी रणनीति में फिलहाल कोई बदलाव नहीं हुआ है.

18 अगस्त तक सरकार को दिया है अल्टीमेटम

छात्रों ने सरकार को 18 अगस्त तक का अल्टीमेटम दिया है. उनका कहना है कि इस अवधि के भीतर सरकार उनकी मांगों पर बातचीत करे और समाधान निकालने की दिशा में ठोस पहल करे. छात्रों ने संकेत दिया है कि सरकार के पास अभी समय है और यदि बातचीत के जरिये कोई रास्ता निकलता है, तो स्थिति बदल सकती है. लेकिन फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव सामने नहीं आया है.

20 अगस्त का सीएम आवास घेराव रहेगा कायम

छात्रों ने दोहराया कि 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव का कार्यक्रम पहले की तरह जारी रहेगा. प्रशासनिक अधिकारियों के आंदोलन स्थल पर पहुंचने के बावजूद छात्रों ने अपना कार्यक्रम स्थगित करने या उसमें बदलाव करने से इनकार कर दिया है. उनका कहना है कि जबतक सरकार की ओर से कोई औपचारिक पहल नहीं होती, तबतक आंदोलन की घोषित रणनीति में कोई परिवर्तन नहीं होगा.

पुतला दहन के कार्यक्रम की भी तैयारी

अधिकारियों से मुलाकात के बाद आंदोलनकारी छात्रों ने अपना कार्यक्रम जारी रखा. छात्रों ने बताया कि मंगलवार को पुतला दहन का कार्यक्रम निर्धारित था और अधिकारियों से हुई अनौपचारिक बातचीत का इस कार्यक्रम पर कोई असर नहीं पड़ा. छात्रों का कहना है कि आंदोलन के तहत निर्धारित सभी कार्यक्रम चलते रहेंगे और सरकार की ओर से ठोस पहल का इंतजार किया जाएगा.

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प्रशासन और छात्रों के बीच बढ़ सकता है टकराव

छात्र आंदोलन के बीच प्रशासनिक अधिकारियों का लगातार आंदोलन स्थल पर पहुंचना यह संकेत देता है कि प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है. दूसरी ओर, छात्रों का 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेराव पर अड़े रहना आने वाले दिनों में प्रशासन के लिए चुनौती बढ़ा सकता है. फिलहाल दोनों पक्षों के बीच संवाद का कोई औपचारिक कार्यक्रम तय नहीं हुआ है. छात्रों ने साफ कर दिया है कि 18 अगस्त तक यदि सरकार की ओर से समाधान की दिशा में कदम नहीं उठाया गया, तो 20 अगस्त का आंदोलन तय कार्यक्रम के अनुसार होगा.

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लेखक के बारे में

By कुमार विश्वत सेन

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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