JPSC Scam: लखनऊ से एक अभ्यर्थी की गिरफ्तारी के बाद जेपीएससी परीक्षा गड़बड़ी मामले की जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है. फिलहाल सीआईडी जांच में सूत्रधार अभी भी अभय तिवारी ही माना जा रहा है. सीआईडी की पूरी जांच और अब तक की गिरफ्तारियां इसी के सिंडिकेट से जुड़ी हैं. गुरुवार को सीआईडी ने अभय तिवारी के बेंगाबाद के हथबोर स्थित ससुराल में छापेमारी की और उसके ससुर विकास पांडेय को हिरासत में ले लिया. वह सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं. सीआईडी अभय तिवारी के दो सालों को भी ढूंढ़ रही है, लेकिन वह अभय तिवारी की गिरफ्तारी के बाद से ही गायब हैं. इसी प्रकार अभय तिवारी की पत्नी, जो सरकारी नौकरी में ही है, वह भी गायब है.
संपत्तियों की भी हो रही जांच
बेंगाबाद में सीआईडी ने छापेमारी की. पुलिस विकास पांडेय की संपत्ति का आकलन भी कर रही है. सीआईडी पांडेय के हथबोर के अलावा गिरिडीह के नये मकान और देवघर सहित अन्य स्थानों पर उनकी संपत्ति और आय की भी जानकारी ले रही है. माना जा रहा है कि जेपीएससी की परीक्षा का संचालन करानेवाली कंपनी टीडीपीएल और जेपीएससी के अधिकारियों ने सांठगांठ कर परीक्षाओं में अभ्यर्थियों का चयन किया. इन सबमें बीच की कड़ी अभय तिवारी ही था. जानकारी के अनुसार अभय तिवारी के दोनों सालों से पूछताछ के लिए सीआईडी ने नोटिस जारी की है, लेकिन दोनों गायब हैं.
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आज ओएमआर शीट जमा करने की अंतिम तिथि
सीआईडी ने जेपीएससी पीटी के सफल अभ्यर्थियों से ओएमआर शीट की कॉपी मांगी थी. छात्र सात अगस्त तक सीआइडी को कॉपी भेज सकते हैं. सारी कॉपी (लगभग 2200) आने के बाद सीआईडी इनकी समीक्षा करेगी और बाद में इसे एफएसएसल से भी जांच करायेगी.
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