रांची, (राजेश झा की रिपोर्ट): राजधानी रांची के एचइसी आवासीय परिसर स्थित केराली स्कूल में आयोजित झारखंड पात्रता परीक्षा (JET) रविवार को अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ गई. भूगोल (जियोग्राफी) विषय का प्रश्नपत्र समय पर और पर्याप्त मात्रा में नहीं मिलने पर अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्र पर जमकर हंगामा किया. सुबह 7.30 बजे से ही कतारों में खड़े अभ्यर्थी उस वक्त आक्रोशित हो उठे जब उन्हें पता चला कि सेंटर पर प्रश्नपत्र ही कम हैं. स्थिति इतनी बिगड़ गई कि करीब 40 मिनट तक अभ्यर्थी ओएमआर शीट फाड़ने और परीक्षा का सामूहिक बहिष्कार करने की बात कहते रहे.
120 प्रश्नपत्र निकले कम, अधिकारियों ने नहीं दिया जवाब
जानकारी के अनुसार, स्कूल में कुल 600 अभ्यर्थियों के लिए सेंटर बनाया गया था. जब स्कूल प्रबंधन ने परीक्षा शुरू कराने के लिए प्रश्नपत्र का पैकेट खोला, तो उसमें 120 प्रश्नपत्र कम पाए गए. स्कूल प्रबंधन ने तुरंत इसकी सूचना जेपीएससी (JPSC) को दूरभाष पर दी, लेकिन काफी देर तक आयोग की ओर से कोई उत्तर नहीं मिला. इस बीच, जिन अभ्यर्थियों के पास प्रश्नपत्र नहीं पहुंचे थे, उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया. स्कूल प्रबंधन द्वारा अतिरिक्त समय का आश्वासन दिए जाने के बाद ही अभ्यर्थी शांत हुए.
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अनुपस्थित छात्रों के प्रश्नपत्रों से चला काम
जेपीएससी ने बाद में स्कूल से उपस्थित और अनुपस्थित अभ्यर्थियों का डेटा मांगा. रिकॉर्ड के अनुसार, 600 में से 453 अभ्यर्थी उपस्थित थे और 147 अनुपस्थित। इसके बाद आयोग ने निर्देश दिया कि अनुपस्थित अभ्यर्थियों के प्रश्नपत्रों को ही अन्य अभ्यर्थियों के बीच वितरित कर परीक्षा शुरू कराई जाए. इस पूरी प्रक्रिया के कारण सुबह 10.00 बजे शुरू होने वाली परीक्षा सुबह 11.00 बजे शुरू हो सकी और दोपहर 1.00 बजे की जगह दोपहर 2.00 बजे समाप्त हुई.
ट्रेन छूटी और मानसिकता बिगड़ी: अभ्यर्थियों का फूटा गुस्सा
परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों के चेहरे पर थकावट और प्रशासन के प्रति नाराजगी साफ दिखी. अभ्यर्थी नितेश ने आक्रोश जताते हुए कहा कि जेपीएससी के अधिकारियों की लापरवाही के कारण उनकी रांची से ट्रेन छूट गई. वहीं, सीमा कुमारी नामक अभ्यर्थी ने कहा कि देरी होने से परीक्षा को लेकर बनी मानसिक एकाग्रता भंग हो जाती है. अभ्यर्थियों ने सवाल उठाया कि जब सेंटर पर बायोमेट्रिक की व्यवस्था तक नहीं थी और प्रश्नपत्रों की संख्या भी सही नहीं थी, तो जेपीएससी आखिर किस तरह की तैयारी का दावा करता है.
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