रांचीः जेपीएससी परीक्षा गड़बड़ी मामले में सीआईडी और लखनऊ पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पांच आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं. इन पर आरोप है कि उन्होंने 14वीं जेपीएससी पीटी में धोखाधड़ी और अनुचित साधनों का उपयोग कर सफलता पाई. इनमें टीडीपीएल में एकाउंटेंट रहा रक्षक सिंह भी शामिल है. आरोप है कि इसने पद पर रहते हुए परीक्षा में अनुचित साधनों का उपयोग कर सफलता पाई. इनके अलावा रोशन केरकेट्टा और मनोज कुमार पर भी धोखाधड़ी कर परीक्षा पास करने का आरोप है. इन तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है. इसके साथ ही उमाकांत उरांव, जो एजेंट के रूप में उम्मीदवार दिलाने का काम करता था और पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष एल खियांग्ते का स्टाफ रह चुके धर्मेंद्र कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है.
पूर्व अध्यक्ष के कार्यालय में कार्यरत था धर्मेंद्र
धर्मेंद्र कुमार जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष के कार्यालय में कार्यरत था. उसकी अभय तिवारी के करीबी लोगों से बातचीत होती थी. सीआईडी ने पिछले दिनों 18 जगहों पर छापेमारी कर कुछ कोचिंग संचालकों को भी पकड़ा था, उनसे भी धर्मेंद्र लगातार संपर्क में था. धर्मेंद्र को कचहरी के नजदीक के अति संवेदनशील इलाके से पकड़ा गया. सीआईडी की टीम ने धर्मेंद्र के कब्जे से तीन मोबाइल फोन और एक कंप्यूटर जब्त किया है.
बताया जा रहा है कि वह फिलहाल एक अधिकारी के आवासीय कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत था. उमाकांत उरांव को बरियातू से, रोशन केरकेट्टा को सदर से, मनोज कुमार को धुर्वा से, रक्षक सिंह को लखनऊ के कोटवा बख्शी के तालाब थाना क्षेत्र से और धर्मेंद्र को कोतवाली थाना क्षेत्र से पकड़ा गया. छापेमारी में डिजिटल और अभिलेखीय साक्ष्य जब्त किए गए हैं. विभाग ने बताया कि मामले की जांच जारी है और आगे प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी.
अब 7 अगस्त तक भेज सकेंगे ओएमआर शीट
सीआईडी ने ओएमआर शीट भेजने की तिथि सात अगस्त तक बढ़ा दी है. पहले यह तिथि पांच अगस्त तक तय थी. अब तक 1300 अभ्यर्थियों ने अपनी ओएमआर शीट भेजी है. ओएमआर शीट से जुड़े मामले की छानबीन जारी है. इस मामले में सीआईडी ने अपना अनुसंधान तेज कर दिया है.
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