रांची से सतीश कुमार की रिपोर्ट
Ranchi News: झारखंड हाइकोर्ट ने जेपीएससी की अलग-अलग परीक्षाओं में आयु सीमा की गणना के लिए निर्धारित कट-ऑफ तिथि को चुनौती देने वाली सभी रिट याचिकाओं को खारिज कर दिया है. जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि कट-ऑफ तिथि तय करना नियोक्ता (राज्य सरकार) का नीतिगत अधिकार है और न्यायालय इसमें तब तक हस्तक्षेप नहीं कर सकता, जब तक कि वह मनमाना या भेदभावपूर्ण न हो.
अदालत ने क्या कहा?
अदालत ने कहा कि आयु सीमा में छूट देना कोई अधिकार नहीं, बल्कि एक रियायत है. सिर्फ इसलिए कि पिछली परीक्षाओं में छूट दी गई थी, यह हर बार का दावा नहीं बन सकता. अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि होल सेल रिलेक्सेशन की अनुमति नहीं दी जा सकती, क्योंकि इससे अनिश्चितता पैदा होती है.
क्या था मामला?
अमित कुमार और अन्य कई अभ्यर्थियों ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर झारखंड संयुक्त सिविल सेवा बैकलॉग प्रतियोगिता परीक्षा (विज्ञापन संख्या 05/2026) के लिए निर्धारित एक अगस्त 2022 की कट-ऑफ तिथि को चुनौती दी थी. याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि परीक्षाओं के नियमित अंतराल पर आयोजित न होने के कारण कई योग्य उम्मीदवार अधिकतम आयु सीमा पार कर गए हैं. उन्होंने मांग की थी कि कट-ऑफ तिथि को बदलकर एक अगस्त 2017 या 2018 किया जाए, जैसा कि पूर्व की कुछ परीक्षाओं में दिया गया था. सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से दलील दी गई कि विज्ञापन झारखंड संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा नियमावली, 2021 के अनुरूप है और किसी भी उम्मीदवार को आयु में छूट का अधिकार नहीं.
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