रांची. शहर के 2.50 लाख घरों से निकलने वाले कचरे को रांची नगर निगम शहर से 15 किलोमीटर दूर झिरी में डंप करता है. पिछले 25 वर्षों से लगातार कचरा फेंके जाने के कारण यहां कचरे का पहाड़ बन गया है. रिंग रोड के किनारे बने इस कचरे के पहाड़ को खत्म करने के लिए नगर निगम ने गुरु रामदास कंस्ट्रक्शन कंपनी को काम सौंपा है. लेकिन, कंपनी का काम काफी धीमा है. कंपनी को दो वर्षों में कचरे के इस पहाड़ को पूरी तरह से खत्म करना है, लेकिन कंपनी अब तक यानी एक साल में सिर्फ 1.22 लाख टन कचरा का ही निस्तारण कर सकी है.
33 एकड़ में फैला है 22 लाख टन कचरा
पिछले 25 वर्षों से एक ही जगह कचरा फेंके जाने के कारण यहां 33 एकड़ भूखंड पर 22 लाख टन कचरा जमा हो गया है. कंपनी ने इसे पूरी तरह से खत्म करने के लिए यहां प्लांट भी लगाया है. कंपनी यहां जमा कचरे के ढेर को पोकलेन से इकट्ठा करती है. फिर कन्वेयर बेल्ट के माध्यम से इसे अलग-अलग किया जाता है. इसमें जो खाद बनने वाली सामग्री होती है, उससे खाद बनाया जाता है. वहीं, जो सूखा व ठोस कचरा है, उसे प्रोसेस्ड कर आरडीएफ में बदला जाता है. फिर आरडीएफ को उपयोग करने के लिए सीमेंट फैक्ट्री में भेज दिया जाता है.
93 करोड़ खर्च कर रहा नगर निगम
कचरे के इस पहाड़ को खत्म करने के लिए नगर निगम 93 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है. इसके लिए गुरु रामदास कंपनी को दो वर्षों का समय दिया गया है. कंपनी ने अप्रैल 2024 में यहां कचरा निस्तारण का कार्य शुरू किया है. लेकिन, जिस हिसाब से कचरे का निस्तारण होना चाहिए, उस रफ्तार से काम नहीं हो रहा है. वर्तमान में कंपनी द्वारा केवल रिंग रोड के किनारे के कचरे का निस्तारण किया गया है. अंदर के हिस्से में कचरा का पहाड़ उसी हाल में है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
