रांची. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि ये 18वीं सदी नहीं है, पर झारखंड के गांवों में हालात अभी भी वही हैं. सिमडेगा जिले के चुंदियारी गांव में एक बुजुर्ग महिला गंगो देवी के कमर में गंभीर चोट आयी. लेकिन, गांव में न सड़क है और न स्वास्थ्य सुविधा. एंबुलेंस नहीं पहुंचने के कारण मजबूरी में परिजन उसे खाट पर लादकर तीन किलोमीटर पैदल चल कर इलाज कराने ले गये.
मुख्यमंत्री को इस दिशा में संवेदनशीलता दिखानी चाहिए
बाबूलाल ने कहा कि हेमंत सरकार ने इस साल बजट में स्वास्थ्य पर 3497 करोड़ और सड़कों व पुलों के लिए 5300 करोड़ रुपये खर्च करने की घोषणा की है. पिछले साल यही राशि क्रमश: 7223 करोड़ और 6389 करोड़ थी. इतना पैसा गया कहां? इसका जवाब तो हम सबको पता है. उन्होंने कहा कि जब भ्रष्टाचार करने की बात आती है, तो हेमंत सरकार सुरसा से भी बड़ा मुंह खोल लेती है. लेकिन, जब व्यवस्था को लेकर सवाल किया जाता है, तो मुख्यमंत्री और मंत्री गूंगे-बहरे बन जाते हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को राजनीति से इतर इतनी संवेदनशीलता तो दिखानी चाहिए, कि आज के बाद किसी झारखंडवासी को खाट पर लाद कर इलाज के लिए न ले जाना पड़े.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
