ट्रेजरी घोटाले पर भाजपा का हेमंत सरकार पर बड़ा हमला, जांच की धीमी गति पर उठाये सवाल

Ranchi News: झारखंड ट्रेजरी घोटाले को लेकर भाजपा ने हेमंत सरकार पर बड़ा हमला बोला है. प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने स्पेशल ऑडिट में देरी, एसआईटी जांच की धीमी गति और पारदर्शिता की कमी पर सवाल उठाए. भाजपा ने जांच में तेजी लाने या मामला केंद्रीय एजेंसी को सौंपने की मांग की. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

रांची से सतीश सिंह की रिपोर्ट

Ranchi News: झारखंड में ट्रेजरी घोटाले को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोला है. पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि सरकार इस घोटाले को दबाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि स्पेशल ऑडिट के लिए अकाउंटेंट जनरल (एजी) को जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन राज्य सरकार डेढ़ महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी एजी को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा रही है.

ऑडिट में लेटलतीफी और एसआईटी की ‘कछुआ चाल’

प्रतुल ने बताया कि सरकार ने 17 अप्रैल, 2026 को एजी से स्पेशल ऑडिट की अनुशंसा की थी, जिसे एजी ने स्वीकार कर कागजात मांगे थे. कागजात नहीं मिलने से ऑडिट कार्य शुरू ही नहीं हो पाया है, जो सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े करता है. उन्होंने सरकार द्वारा गठित एसआईटी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाये. श्री शाहदेव ने कहा कि दो महीने बाद भी एसआईटी ने सिर्फ बोकारो जिले का दौरा किया है और वहां की रिपोर्ट भी अभी तक नहीं सौंपी है. पहले चरण में चिन्हित रांची, हजारीबाग, रामगढ़ और देवघर जैसे अन्य जिलों में जांच की गति अत्यंत धीमी है, जिससे पूरी जांच प्रक्रिया पर संशय बना हुआ है.

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लालू के चारा घोटाले से सीख लेने की सलाह

भाजपा प्रवक्ता ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि राज्य सरकार को लालू प्रसाद के चारा घोटाले से सीख लेनी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि चारा घोटाले के समय भी मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया गया था, जिसके बाद मामला सीबीआई के पास गया और परिणाम सबके सामने है. उन्होंने मांग की कि सरकार एसआईटी जांच के लिए एक निश्चित समय सीमा तय करे और जांच की गति में तेजी लाये. प्रतुल शाहदेव ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि सरकार जांच में पारदर्शिता और तेजी नहीं लाती है, तो इस मामले को अविलंब केंद्रीय जांच एजेंसी को सौंप देना चाहिए. भाजपा का यह हमला सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है.

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Published by: KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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