PHOTOS: झारखंड की किसी नदी या गांव का नहीं, ये रांची का नजारा है, एक दिन की बारिश में डूब गई राजधानी

झारखंड की राजधानी रांची में एक दिन में 70 मिलीमीटर वर्षा हुई और पूरी राजधानी नदी में तब्दील हो गई. मुख्य सड़कों पर पानी जम गया. दुकानों और मकानों में पानी घुस गए. व्यवसायियों को भारी नुकसान हुआ है.

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झारखंड की राजधानी रांची एक दिन की बारिश में नदी में तब्दील हो गई. जगह-जगह जल जमाव हो गया. यहां तक कि एक व्यक्ति नाले में बह गया, जबकि एक ऑटो गड्ढे में डूब गया. राष्ट्रीय राजमार्ग-75 पर एक डायवर्सन टूट गया. राज्य में वज्रपात और वर्षाजनित कारणों से कम से कम आधा दर्जन लोगों की मौत हो गई.

शनिवार की रात को राजधानी रांची समेत झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में शुरू हुई बारिश का दौर रविवार और सोमवार को भी जारी रहा. रविवार को रांची में मूसलाधार बारिश हुई. एक दिन में यहां 88..2 मिलीमीटर वर्षा हुई.

रांची में मानसून के इस सीजन में एक अक्टूबर से दो अक्टूबर के बीच 7.9 मिलीमीटर वर्षा को सामान्य वर्षापात माना जाता है. लेकिन, एक दिन में 88.2 मिमी वर्षा हुई, जो सामान्य से 1060 फीसदी अधिक है.

अगर झारखंड की बात करें, तो महज 24 घंटे में सामान्य से 701 फीसदी अधिक वर्षा दर्ज की गई है. पूरे झारखंड में इस दौरान 7.8 फीसदी वर्षा होनी चाहिए थी, जबकि हुई है 62.6 फीसदी. लोगों की रसोई में भी पानी घुस गया. कई जगहों पर दुकानों में पानी घुस गया, जिससे दुकानदारों के सामान बर्बाद हो गए.

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रातू रोड में बन रहे फ्लाईओवर के नीचे पानी जम गया, जिससे लोगों का चलना दूभर हो गया. वाहनों का आवागमन भी लगभग ठप हो गया. बारिश की वजह से लोग अपने घरों में दुबके रहे, इसलिए सड़क पर ज्यादा भीड़ नहीं थी. फलस्वरूप ट्रैफिक व्यवस्था ज्यादा प्रभावित नहीं हुई.

हालांकि, सड़कों पर वाहन कम थे, लेकिन ऑनलाइन शॉपिंग या खाने-पीने का ऑर्डर करने वालों के ऑर्डर की डिलीवरी करने वालों को भारी बारिश के बीच बरसाती पहनकर सामान पहुंचाते देखा गया. जलजमाव की वजह से उन्हें भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा.

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तेज हवा और भारी बारिश के कारण एक ओर सड़क पर पानी जमा हो गया, तो दूसरी ओर कई जगहों पर पेड़ उखड़कर सड़क पर गिर गया. इसकी वजह से भी लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा. बाद में इन पेड़ों को हटाया गया.

छोटी-बड़ी गलियों में पानी का बहाव इतना तेज था, मानो कोई नदी उफना गई हो. सोमवार को बारिश का दौर जारी रहा. गनीमत यह थी कि महात्मा गांधी की जयंती की छुट्टी होने की वजह से स्कूल बंद थे. सरकारी कार्यालयों में छुट्टी थी. इसलिए लोगों को ज्यादा परेशानी नहीं उठानी पड़ी.

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Published by: Mithilesh jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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