नीति आयोग ने इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स-2026 जारी किया, 17 बड़े राज्यों में झारखंड 16वें स्थान पर

नीति आयोग ने 'इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स-2026' जारी किया है, जिसमें झारखंड 17 बड़े राज्यों में 16वें स्थान पर है. राज्य प्राकृतिक संसाधनों में मजबूत है, लेकिन बिजनेस क्लाइमेट कमजोर है.

Jharkhand News: खनिज संपदा और औद्योगिक संभावनाओं से समृद्ध झारखंड और बिहार को निवेश आकर्षित करने के मामले में 'इमर्जिंग' राज्यों की श्रेणी में रखा गया है. हालांकि औद्योगिक संभावनाओं के बावजूद ये दोनों राज्य बड़े राज्यों की तुलना में अभी भी पीछे हैं. नीति आयोग ने 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य के तहत पहली बार इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स-2026 जारी किया है. इसमें 17 बड़े राज्यों की श्रेणी में झारखंड को 16वां स्थान मिला है. राज्य का कुल स्कोर 41.3 रहा. बड़े राज्यों में केवल बिहार ही झारखंड से नीचे है. देश के 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मिलाकर देखें, तो झारखंड का स्थान 25वां है. 

रिपोर्ट के अनुसार झारखंड की सबसे बड़ी ताकत प्राकृतिक संसाधनों की उपलब्धता और उसकी वित्तीय स्थिति है. राज्य को कोयला और लिग्नाइट उत्पादन के बेहतर प्रदर्शन का लाभ मिला है. ब्याज भुगतान का बोझ अपेक्षाकृत कम होने के कारण राज्य की वित्तीय स्थिति को भी सकारात्मक माना गया है. यही दो क्षेत्र राज्य के निवेश स्कोर को संभाले हुए हैं. इसके विपरीत निवेशकों के लिए अनुकूल कारोबारी माहौल तैयार करने के मामले में झारखंड पिछड़ गया है. रिपोर्ट में बिजनेस क्लाइमेट को राज्य की सबसे कमजोर कड़ी बताया गया है. विशेष रूप से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआइ) का बेहद कम होना चिंता का विषय है. वित्त वर्ष 2023-24 में राज्य में केवल 0.06 मिलियन डॉलर का एफडीआइ आया, जो निवेश आकर्षित करने की कमजोर क्षमता को दर्शाता है. रिपोर्ट के मुताबिक, झारखंड की अर्थव्यवस्था में उद्योग की हिस्सेदारी 44.7 प्रतिशत, सेवा क्षेत्र की 50 प्रतिशत और कृषि की 5.3 प्रतिशत है. राज्य के प्रमुख उद्योगों में बेसिक मेटल, कोक और रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पाद शामिल हैं. इसके बावजूद निवेशकों का भरोसा बढ़ाने, उद्योगों को तेजी से मंजूरी देने, बेहतर औद्योगिक माहौल तैयार करने और विदेशी निवेश आकर्षित करने की दिशा में अभी काफी काम करने की जरूरत है.

समान अंक के बावजूद पश्चिम बंगाल झारखंड से ऊपर 

बड़े राज्यों की सूची में गुजरात (56.6), महाराष्ट्र (53.7) और तमिलनाडु (53.3) शीर्ष तीन स्थानों पर हैं. वहीं, झारखंड 41.3 अंक के साथ केवल बिहार (41.2) से आगे है. पश्चिम बंगाल का स्कोर भी 41.3 है, लेकिन उसे झारखंड से ऊपर स्थान दिया गया है. 

निवेश आकर्षित करने के लिए झारखंड को इन क्षेत्रों में करना होगा सुधार

रिपोर्ट में कहा गया है कि झारखंड को निवेश आकर्षित करने के लिए सबसे अधिक सुधार बिजनेस क्लाइमेट में करना होगा. खासकर प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआइ) बढ़ाने की दिशा में प्रभावी प्रयास जरूरी हैं. वित्त वर्ष 2023-24 में राज्य में केवल 0.06 मिलियन डॉलर का एफडीआइ दर्ज किया गया. निवेशकों के लिए उद्योग स्थापित करने का माहौल अधिक प्रतिस्पर्धी और अनुकूल बनाने की आवश्यकता है. नीति आयोग ने संकेत दिया है कि केवल खनिज संपदा या औद्योगिक आधार होने से निवेश नहीं आयेगा. राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धा अब बेहतर बुनियादी ढांचे, पारदर्शी नीतियों, तेज मंजूरी प्रक्रिया, कुशल प्रशासन और निवेशकों के अनुकूल कारोबारी माहौल पर निर्भर है. यदि झारखंड इन क्षेत्रों में सुधार करता है, तो उसकी प्राकृतिक संपदा और औद्योगिक क्षमता बड़े निवेश आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है.

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लेखक के बारे में

Author: Sunil choudhary

Published by: Sweta Vaidya

25 वर्षों से पत्रकारिता कर रहा हूँ.हार्ड न्यूज़ से राजनीतिक खबर करता रहा हूँ.वर्तमान में मुख्यमंत्री, पावर,इंडस्ट्रीज, माइंस संबंधित मामलों पर रिपोर्ट करता हूँ. बीबीसी,पैनोस और झारखंड सरकार से फेलोशिप ले चुका हूँ।कई बार अवार्ड ले चुका हूँ.
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