झारखंड राज्यसभा चुनाव के लिए रांची में हाई अलर्ट, सादे लिबास में घूम रहे स्पेशल ब्रांच के कर्मचारी

Rajya Sabha Election: झारखंड में 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर हाई अलर्ट जारी किया गया है. रांची में स्पेशल ब्रांच के 20 अधिकारी और कर्मचारी सादे लिबास में तैनात किए गए हैं. विधानसभा, मुख्यमंत्री आवास और प्रमुख राजनीतिक ठिकानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

रांची से प्रणव की रिपोर्ट

Rajya Sabha Election: झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए गुरुवार, 18 जून 2026 को मतदान होना है. चुनाव को लेकर राज्य की सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं. इसी को देखते हुए पुलिस मुख्यालय की ओर से हाई अलर्ट जारी किया गया है. चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए विशेष निगरानी व्यवस्था की गई है. बताया जा रहा है कि शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए राजधानी रांची में चप्पे-चप्पे पर सादी वर्दी में स्पेशल ब्रांच के कर्मचारी और पदाधिकारी, सीआईडी के कर्मचारी और इनकम टैक्स के कर्मचारियों को तैनात किया गया है.

स्पेशल ब्रांच के 20 अधिकारी और कर्मचारी रांची में तैनात

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, राज्यसभा चुनाव से जुड़े घटनाक्रम पर नजर रखने के लिए स्पेशल ब्रांच के करीब 20 पदाधिकारियों और कर्मचारियों को रांची में तैनात किया गया है. इन अधिकारियों और कर्मचारियों को महत्वपूर्ण और संवेदनशील स्थानों पर जिम्मेदारी सौंपी गई है. बताया जा रहा है कि ये सभी कर्मी सादे लिबास में रहकर अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं और हर गतिविधि पर पैनी नजर बनाए हुए हैं. उनकी ओर से समय-समय पर मुख्यालय को रिपोर्ट भी भेजी जा रही है.

होटल रेडिशन से लेकर विधानसभा तक निगरानी

सूत्रों के मुताबिक, स्पेशल ब्रांच के अधिकारियों और कर्मचारियों को होटल रेडिशन, झारखंड विधानसभा, मुख्यमंत्री आवास, प्रमुख राजनीतिक दलों के कार्यालयों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात किया गया है. इन स्थानों पर चुनाव से संबंधित गतिविधियों के अलावा सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष नजर रखी जा रही है. राजनीतिक दलों के नेताओं की आवाजाही और चुनावी गतिविधियों से जुड़े हर घटनाक्रम की जानकारी लगातार एकत्र की जा रही है. इसके साथ ही किसी भी असामान्य स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक सूचनाएं तत्काल मुख्यालय तक पहुंचाई जा रही हैं.

विधायकों की गतिविधियों और राजनीतिक हलचलों पर नजर

सूत्र बताते हैं कि राज्यसभा चुनाव की निगरानी की पूरी जिम्मेदारी स्पेशल ब्रांच को सौंपी गई है. इसी कारण चुनाव से जुड़े सभी पहलुओं पर नजर रखी जा रही है. इसमें विधायकों की गतिविधियां, राजनीतिक दलों की रणनीति और चुनावी माहौल से जुड़े अन्य घटनाक्रम भी शामिल हैं. खुफिया इकाई के अधिकारी लगातार सूचनाएं जुटा रहे हैं, ताकि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें.

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चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक जारी रहेगी निगरानी

जानकारी के अनुसार, मतदान और उससे जुड़ी पूरी प्रक्रिया संपन्न होने तक स्पेशल ब्रांच के अधिकारी और कर्मचारी सादे लिबास में अपनी ड्यूटी करते रहेंगे. उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या असामान्य घटनाक्रम की सूचना तुरंत मुख्यालय को दी जाए, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके. राज्यसभा चुनाव को लेकर बढ़ी यह चौकसी बताती है कि लोकतंत्र का यह पर्व अब सिर्फ मतदान तक सीमित नहीं रह गया है. इसके साथ सुरक्षा और निगरानी का ऐसा तंत्र भी सक्रिय हो जाता है, जिसकी मौजूदगी आम लोगों को दिखाई कम देती है, लेकिन उसकी गतिविधियां लगातार चलती रहती हैं.

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लेखक के बारे में

Published by: KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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