रांची से आनंद मोहन की रिपोर्ट
Rajya Sabha Election: झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है. निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी के नामांकन पत्र को लेकर उठे विवाद के बीच बुधवार को विधानसभा परिसर में कांग्रेस और सत्ता पक्ष के नेताओं ने जमकर हंगामा किया. कांग्रेस की ओर से अपना पक्ष रखने के लिए दिल्ली से पहुंचे वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद को रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा सुनवाई में शामिल होने की अनुमति नहीं मिलने के बाद विवाद और बढ़ गया.
सलमान खुर्शीद को नहीं मिली बहस की अनुमति
राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्रों की जांच के दौरान रिटर्निंग ऑफिसर रंजीत कुमार सुनवाई कर रहे थे. परिमल नाथवानी की ओर से अधिवक्ताओं ने सुबह करीब 11 बजे से अपना पक्ष रखना शुरू किया. दूसरी ओर, कांग्रेस विधायक प्रणव झा की ओर से आपत्ति और तर्क रखने के लिए वरिष्ठ कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद विशेष रूप से दिल्ली से रांची पहुंचे थे. सलमान खुर्शीद दोपहर करीब 12.40 बजे विधानसभा पहुंचे, लेकिन रिटर्निंग ऑफिसर ने उन्हें सुनवाई के दौरान अपना पक्ष रखने की अनुमति नहीं दी. इस फैसले के बाद कांग्रेस नेताओं और मंत्रियों में नाराजगी फैल गई.
कांग्रेस मंत्रियों का फूटा गुस्सा
सलमान खुर्शीद को अनुमति नहीं मिलने के बाद विधानसभा परिसर में कांग्रेस नेताओं का गुस्सा खुलकर सामने आया. झारखंड सरकार में शामिल कांग्रेस कोटे की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, दीपिका पांडेय सिंह, राधाकृष्ण किशोर समेत अन्य नेताओं ने रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय के बाहर विरोध जताया और जमकर हंगामा किया. कांग्रेस नेताओं का आरोप था कि मामले में नया शपथ पत्र स्वीकार किया गया, लेकिन उनकी ओर से आए वरिष्ठ अधिवक्ता को सुनवाई में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई. उन्होंने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे पक्षपातपूर्ण बताया.
विधानसभा स्टाफ पर भी लगाए आरोप
हंगामे के दौरान मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने विधानसभा प्रशासन और स्टाफ की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि इतने महत्वपूर्ण मामले में सदन के संरक्षक की अनुपस्थिति चिंताजनक है. उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा के कुछ कर्मचारियों को प्रभावित किया गया है. उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया.
सब कुछ पहले से था तय : सलमान खुर्शीद
वरिष्ठ अधिवक्ता और कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने कहा कि वह विशेष रूप से दिल्ली से रांची पहुंचे थे, लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही सुनवाई समाप्त कर दी गई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि पूरी प्रक्रिया पहले से तय थी और उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं दिया गया.
कांग्रेस की किस पर है आपत्ति?
उन्होंने कहा कि नाथवानी परिमल नहीं, परिमल नाथवानी नाम है. कांग्रेस ने इस बात पर कांग्रेस विधायक ने जताई आपत्ति थी. बड़ी होशियारी के साथ सुनवाई से पहले नया एफिडेबिट तैयार कर जमा कर दिया. नाथवानी जी ने अपनी संपत्ति से भी जुड़ी कई जानकारी छुपाई है. नामांकन स्वीकार कर लिया गया है. शाम 6 बजे आदेश प्रतिलिपि आएगी जिसने सारी जानकारी मिल जाएगी.
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सदन के बाहर भी जारी रहा विरोध
विधानसभा परिसर के भीतर ही नहीं, बल्कि बाहर भी पक्ष और विपक्ष के नेताओं तथा समर्थकों के बीच नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन जारी रहा. राज्यसभा चुनाव में परिमल नथवानी के नामांकन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक टकराव का रूप लेता दिखाई दे रहा है, जिससे आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति और अधिक गरमाने के संकेत मिल रहे हैं.
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