विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर हमलावर हुए बाबूलाल मरांडी, पूछे 5 तीखे सवाल

Jharkhand Politics: झारखंड विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी हमलावर हैं. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से 5 तीखे सवाल पूछे हैं.

Jharkhand Politics: झारखंड में विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल हमलावर हो गए हैं. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से उन्होंने 5 तीखे सवाल पूछे हैं. ये सवाल जमीन घोटाले से जुड़े हैं. उन्होंने पूछा है कि राज्य सरकार जमीन घोटाला करने वालों और भ्रष्ट अधिकारियों को क्यों बचा रही है. मुख्यमंत्री मौन क्यों हैं.

जमीन घोटाले से जुड़े लोगों के बारे में मरांडी ने पूछे हैं सवाल

बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री से झारखंड में जमीन घोटाले से जुड़े वकील सुजीत कुमार, जमीन कारोबारी संजीव पांडेय और कुछ अंचल अधिकारियों के संदर्भ में कम से कम 5 सवाल पूछे हैं. झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने राज्य के वर्तमान मुख्यमंत्री से जो सवाल पूछे हैं, वह इस प्रकार है :-

मुख्यमंत्री से पूछे गए 5 सवाल

  • क्या यह सच है कि सुजीत कुमार को पिछले 7 दिनों से बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के रांची पुलिस ने हिरासत में ले रखा है और मामले को दबाने की कोशिश हो रही है? अगर यह सच नहीं है, तो जब मैंने कुछ दिन पहले यह सवाल उठाया था, तो रांची पुलिस ने उसका खंडन क्यों नहीं किया?
  • हमारी जानकारी है कि अंचल अधिकारियों ने इस दलाल वकील को करोड़ों रुपए दिए हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि अंचल अधिकारियों के पास इतनी बड़ी राशि आई कहां से? क्या यह मेरे द्वारा उठाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं करता कि झारखंड में खासकर राजधानी रांची में अरबों रुपये के जमीन घोटाले हुए हैं?
  • अगर अंचल अधिकारियों ने केस मैनेज करने के नाम पर करोड़ों रुपए एक दलाल को दिए, तो आपकी सरकार में अब तक कोई अंचल अधिकारी गिरफ्तार क्यों नहीं हुआ?
  • क्या वजह है कि रांची पुलिस 7 दिन तक मामले को गोल-गोल घुमाती रही और अब इस केस को सीआईडी या एसीबी को सौंपने की तैयारी चल रही है, ताकि मामले को आराम से लंबे समय तक लटकाया-भटकाया जा सके? क्या यह सही नहीं है कि इस पूरे मामले को एक नया मोड़ देकर दोषी और बेईमान अफसरों को बचा लेने की साजिश रची जा रही है?
  • आप मुख्यमंत्री हैं, गृह मंत्रालय आपके पास है. इतने बड़े घोटाले के मामले में आपकी खामोशी को किस रूप में देखा जाए? इसे क्या समझा जाए?

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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