'सुप्रीम कोर्ट का आदेश, फिर भी नहीं मिली नौकरी', पुलिस मुख्यालय पहुंच झारखंड के 888 अभ्यर्थियों का प्रदर्शन

झारखंड पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2015 के 888 अभ्यर्थियों को 10 साल से नियुक्ति का इंतजार है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी नियुक्ति पत्र न मिलने से वे निराश हैं. अब वे अवमानना याचिका दायर करने की चेतावनी दे रहे हैं.

रांची से नवीन शर्मा की रिपोर्ट

रांची : झारखंड पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2015 (विज्ञापन संख्या 04/2015) के 888 अभ्यर्थियों की नियुक्ति का मामला एक बार फिर गरमा गया है. करीब 10 साल से नियुक्ति का इंतजार कर रहे ये अभ्यर्थी नियुक्ति पत्र जारी करने की मांग को लेकर रांची स्थित पुलिस मुख्यालय पहुंचे. अभ्यर्थियों का कहना है कि वे भर्ती प्रक्रिया के सभी प्रमुख चरणों को पास कर चुके हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद राज्य सरकार और पुलिस विभाग उन्हें नियुक्ति पत्र जारी नहीं कर रहा है.

4 सप्ताह की समय-सीमा 18 सितंबर को हुई खत्म

ये मामला झारखंड हाईकोर्ट से होते हुए शीर्ष अदालत तक पहुंचा था. अभ्यर्थियों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने 21 अगस्त को राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर प्रक्रिया पूरी कर नियुक्ति पत्र जारी करने का निर्देश दिया था. यह समय-सीमा 18 सितंबर को समाप्त हो चुकी है. अभ्यर्थियों का आरोप है कि डेडलाइन बीत जाने के बाद भी न तो उन्हें जॉइनिंग लेटर दिया गया और न ही प्रशासनिक स्तर पर कोई स्पष्ट जानकारी दी जा रही है.

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10 साल का लंबा इंतजार, उम्र सीमा ने बढ़ाई मुसीबत

प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने अपनी 10 वर्षों की पीड़ा साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2015 में 7,272 पदों के लिए विज्ञापन निकला था, जिसमें करीब 4,900 पदों पर ही बहाली हुई और 2,323 पद खाली रह गए. 888 अभ्यर्थी ऐसे हैं जिन्होंने पीटी, मुख्य परीक्षा, 10 किलोमीटर की शारीरिक दौड़, मेडिकल और जेएसएससी (JSSC) में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन पूरा कर लिया था. 10 साल के लंबे इंतजार में कई अभ्यर्थियों की उम्र 31 से बढ़कर 37-38 वर्ष तक पहुंच चुकी है, जिससे अब उनके सामने दूसरी सरकारी नौकरियों के रास्ते भी लगभग बंद हो गए हैं.

सरकार ने नहीं दिया नियुक्ति पत्र तो जाएंगे सुप्रीम कोर्ट

पुलिस मुख्यालय पहुंचे अभ्यर्थियों ने साफ कहा है कि अगर राज्य सरकार और पुलिस विभाग जल्द से जल्द दूसरी सूची जारी कर नियुक्ति पत्र नहीं देता है, तो वे सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका (Contempt Petition) दायर करेंगे. फिलहाल 888 अभ्यर्थियों की नजरें सरकार के अगले रुख पर टिकी हैं.

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लेखक के बारे में

By समीर उरांव

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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