रांची : झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान (Anti-Naxal Operation) के तहत सुरक्षा बलों को एक बार फिर बड़ी सफलता मिलने जा रही है. भाकपा माओवादी (CPI-Maoist) संगठन को बड़ा झटका देते हुए कुल 24 माओवादी एक साथ मुख्यधारा में लौटने जा रहे हैं. इनमें झारखंड के 16 और पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ के 8 नक्सली शामिल हैं. यह सामूहिक आत्मसमर्पण मंगलवार सुबह 11:00 बजे रांची स्थित झारखंड पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक यानी डीजीपी की उपस्थिति में आयोजित किया जाएगा.
कई बड़े नक्सली हैं शामिल
मुख्यधारा में लौटने वालों में संगठन के अंदर कई बड़ी जिम्मेदारी संभालने वाले नक्सली शामिल हैं. इसमें एक रीजनल कमेटी सदस्य (RCM), 4 जोनल कमेटी सदस्य (ZCM) (झारखंड के 3 और छत्तीसगढ़ का 1), 3 सब-जोनल कमेटी सदस्य (SZCM), 10 एरिया कमेटी सदस्य (ACM) (इसमें झारखंड के 6 और छत्तीसगढ़ के 4) और 6 सक्रिय कैडर/सदस्य शामिल हैं. आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में झारखंड के कई कुख्यात इनामी नक्सली भी शामिल हैं, जिन पर कुल मिलाकर 39 लाख रुपये का इनाम घोषित था. इनमें से एक नक्सली पर 15 लाख, एक पर 10 लाख, दो नक्सलियों पर 5-5 लाख और दो अन्य पर 2-2 लाख रुपये का सरकारी इनाम दर्ज है.
ये भी पढ़ें: दिशोम गुरु की याद में JMM का आयोजन, पहली पुण्यतिथि पर शहर से गांव तक होंगे कार्यक्रम
जानिए कौन-कौन से नक्सली कर रहे हैं आत्मसमर्पण
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार झारखंड के जो 16 माओवादी आत्मसमर्पण करने जा रहे हैं उनमें संतोष उर्फ बासुदेव दा उर्फ गांधी उर्फ दिलीप उर्फ संजय महतो, संतोष मांझी उर्फ जगबंधु, चंदन लोहरा, जयकांत मुंडा उर्फ गूंगा उर्फ बंगाली, राजनाथ हांसदा उर्फ गुना हांसदा, अनिल तुरी उर्फ उज्ज्वल, सुखलाल बिरंजिया उर्फ अकेला, सुदेश होनहागा उर्फ सोनाराम, एतवारी मांझी उर्फ सोनोत उर्फ संत, देवान मुर्मू उर्फ शनिचरवा, सुमित्रा सुरीन, चंपा मंझियाइन उर्फ गुड़िया, रिसिव सोय, सालमी मुंडा उर्फ पारूल, मुन्नी सुरीन उर्फ मुरीन सुरीन और सीता मुंडा भी शामिल है. देवान मुर्मू के बारे में तो कहा जाता है कि वह 1 करोड़ रुपये का इनामी मिसिर बेसरा का करीबी बॉडीगार्ड है. दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ के जो 8 माओवादी आत्मसमर्पण कर रहे हैं उनमें अश्विन उर्फ लच्छू कोरसा (जोनल कमेटी सदस्य), सोहन पुनेम, रीता उर्फ मंगली कुंजाम, अनुशा कुंजाम, रजनी मुडकम (एरिया कमेटी सदस्य), राहत मांडवी, सुबनी और जेलानी शामिल है.
11 आधुनिक हथियार और 1500 से अधिक कारतूस भी करेंगे सरेंडर
आसमर्पण के साथ ही ये नक्सली पुलिस के सामने 6 इंसास, 2 AK-47, 1 HK-33, 1 यूएस कार्बाइन और 1 एम-16 राइफल के अलावा 38 मैगजीन भी शामिल है. इसमें 28 इंसास, 4 AK-47, 3 एलएमजी (LMG), 2 यूएस कार्बाइन और 1 एम-16 की मैगजीन है. साथ ही साथ 1562 जिंदा कारतूस के 786 इंसास, 229 AK-47, 208 HK-33, 95 यूएस कार्बाइन और 244 एम-16 की गोलियां हैं.
माओवादी संगठन की टूटी रीढ़
एक साथ 24 सक्रिय और बड़े कैडर के माओवादियों का मुख्यधारा में आना नक्सली संगठन के लिए अब तक का सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है. इससे झारखंड और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाकों में माओवादियों का नेटवर्क पूरी तरह कमजोर हो जाएगा और सुरक्षा बलों के सर्च ऑपरेशन को और मजबूती मिलेगी.
ये भी पढ़ें: राशनकार्ड धारियों को डीलर के माध्यम से बिना लेटर नंबर के थमाई जा रही शॉकज, वसूली का आरोप
