Jharkhand Lockdown : अब झारखंड में बाजार मोबाइल एप हुआ लॉन्च, ग्राहक-दुकानदार के बीच तालमेल बिठाने की होगी कोशिश

झारखंड (Jharkhand) की हेमंत सरकार ने (Hemant Soren) पांच दिन के अंतराल में दूसरे मोबाइल एप की शुरुआत की है. ग्राहक व दुकानदार के बीच संपर्क स्थापित करने के उद्देश्य से झारखंड बाजार मोबाइल एप का लोकार्पण हुआ. रांची के प्रोजेक्ट बिल्डिंग स्थित मुख्यमंत्री सभागार में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस मोबाइल एप की शुरुआत की है.

रांची : झारखंड (Jharkhand) की हेमंत सरकार ने (Hemant Soren) पांच दिन के अंतराल में दूसरे मोबाइल एप की शुरुआत की है. ग्राहक व दुकानदार के बीच संपर्क स्थापित करने के उद्देश्य से झारखंड बाजार मोबाइल एप का लोकार्पण हुआ. रांची के प्रोजेक्ट बिल्डिंग स्थित मुख्यमंत्री सभागार में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस मोबाइल एप की शुरुआत की है. इससे पहले झारखंड के बाहर प्रवासियों के लिए मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना मोबाइल एप लॉन्च किया गया था. इधर, प्रवासियों के लिए मुख्यमंत्री सहायता एप गूगल के प्ले स्टोर में रजिस्टर्ड होने की बात मुख्यमंत्री ने बतायी है. इससे अब प्रवासियों को काफी सुविधा मिलेगी.

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झारखंड बाजार मोबाइल एप की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग की ओर से इस एप को तैयार किया गया है. इस एप से नगर निगम, नगर परिषद और पंचायत स्तर के सभी छोटे-बड़े और मंझोले दुकानदारों के साथ लोगों को सामान की खरीद-बिक्री में सहायता मिलेगी. उन्होंने कहा कि अभी राज्य व देश के अंदर लॉकडाउन लागू है. हालांकि, केंद्र सरकार के निर्देशानुसार 20 अप्रैल से इस लॉकडाउन में कुछ कमी करते हुए कुछ ढिलाई दी गयी है, ताकि राज्य समेत देश की अर्थव्यवस्था में कुछ गति आ सके. यह मोबाइल एप हॉटस्पॉट और कॉन्टेंमेंट जोन में काम नहीं करेगा.

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हेमंत सोरेन ने कहा कि लॉकडाउन में लोगों तक आवश्यक चीजें कैसे पहुंचे, इसी को ध्यान में रखकर इस एप को शुरू किया गया है. इसका उद्देश्य मात्र यही है कि लोग अनावश्यक घरों से बाहर नहीं निकलें. इस एप का लोग अधिक से अधिक उपायोग करें, ताकि कोरोना संक्रमण से लड़ जा सके. अगर आप घर से बाहर निकलेंगे, तो कोरोना संक्रमण पर काफी हद तक काबू पाया जा सकता है.

इस एप के माध्यम से होम डिलीवरी की भी व्यवस्था की गयी है. अगर किसी दुकानदार द्वारा होम डिलीवरी की व्यवस्था नहीं हो पायेगा, तो वैसी स्थिति में ग्राहक को एप के माध्यम से मोबाइल पास निर्गत होगा. इसके तहत नगर निगम, नगर परिषद और पंचायत क्षेत्र के लोगों के हर दिन मोबाइल पास निर्गत किया जायेगा, जिसके सहारे अपने आसपास के दुकान से राशन ले सकेंगे. मोबाइल पास के लिए पहचान पत्र का होना जरूरी है. इस एप में बिना पहचान पत्र की संख्या दिये मोबाइल पास नहीं मिल पायेगा. लोगों को राशन या दवाई लेने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए सरल और सक्षम प्रणाली के तहत इसकी शुरुआत की गयी है.

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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड बाजार मोबाइल एप के उपयोग के बारे में बताया. सबसे पहले इसे अपने मोबाइल पर डाउनलोड करें. इसके बाद इस एप के माध्यम से अपना नाम रजिस्टर्ड करायें. रजिस्टर्ड होते ही आपके मोबाइल पर आपके आसपास के दुकानों का लिस्ट आ जायेगा, जहां से आप सामान ले सकते हैं या मंगा सकते हैं. इस एप के माध्यम से होम डिलीवरी की व्यवस्था भी है. अगर आप सामान लेने घर से बाहर निकलते हैं, तो यह एप आपको समयावधि का ख्याल दिलायेगा. यह एप घर से बाहर निकलने के लिए बिना अधिकारी के अनुमोदन के पास भी देगा. यह मोबाइल पास दुकान से राशन या दवाई आदि लाने तक ही वैध होगा.

इस एप की खासियत है कि इसमें हरा, नारंगी और लाल रंग के माध्यम से आपको सचेत भी करता रहेगा. घर से बाहर निकल कर दुकान से सामान निकलने जाते हैं, तो हरा रंग तक आप दुकान से सामान ले सकते हैं. नारंगी होने पर घर जाने को सूचित करता है और लाल होने से पहले-पहले आपको अपने घर में आ जाना पड़ेगा. झारखंड बाजार मोबाइल एप के लोकार्पण में खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता विभाग के मंत्री रामेश्वर उरांव, कृषि एवं पशुपालन मंत्री बादल पत्रलेख, मुख्य सचिव समेत अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी उपस्थित थे.

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Published by: Panchayatnama

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