सहायक आचार्य भर्ती में झारखंड हाईकोर्ट का आदेश: 43 सीटें रहेंगी सुरक्षित, JSSC से मांगा जवाब

झारखंड हाईकोर्ट ने प्रारंभिक विद्यालय प्रशिक्षित सहायक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2023 के मामले में महत्वपूर्ण आदेश दिया है. अधिक अंक होने के बावजूद नियुक्ति नहीं मिलने वाले अभ्यर्थियों के हितों की सुरक्षा के लिए 43 सीटें सुरक्षित रखी गई हैं.


Jharkhand High Court: झारखंड हाईकोर्ट ने प्रारंभिक विद्यालय प्रशिक्षित सहायक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2023 में अधिक अंक प्राप्त करने के बावजूद नियुक्ति नहीं मिलने के मामले में दायर याचिका पर महत्वपूर्ण आदेश दिया है. मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) और याचिकाकर्ताओं का पक्ष सुना. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने JSSC को अगली सुनवाई से पहले विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया. साथ ही, याचिकाकर्ताओं के हितों की सुरक्षा के लिए 43 सीटें सुरक्षित रखने का भी आदेश दिया है.

अधिक अंक के बावजूद नियुक्ति नहीं मिलने का आरोप

यह मामला आदित्य कुमार एवं अन्य अभ्यर्थियों द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है. याचिकाकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने अपनी-अपनी संबंधित श्रेणी में अंतिम चयनित अभ्यर्थी से अधिक अंक हासिल किए हैं. इसके बावजूद आयोग ने उनकी नियुक्ति पर विचार नहीं किया. उनका आरोप है कि चयन प्रक्रिया में उनकी मेरिट के अनुरूप कार्रवाई नहीं की गई, जिससे वे नियुक्ति से वंचित रह गए.

कोर्ट में रखी गई नियुक्ति की मांग

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत को बताया गया कि उन्होंने परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन किया है और उपलब्ध अंकों के आधार पर उनका चयन होना चाहिए था. उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि JSSC को निर्देश दिया जाए कि वह उनकी नियुक्ति के लिए राज्य सरकार को अनुशंसा भेजे. याचिकाकर्ताओं का कहना है कि मेरिट में आगे होने के बावजूद उन्हें नियुक्ति से बाहर रखना न्यायसंगत नहीं है.

JSSC को दाखिल करना होगा जवाब

मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने JSSC को निर्देश दिया कि वह अगली सुनवाई से पहले अपना विस्तृत जवाब दाखिल करे. अदालत अब आयोग के पक्ष और रिकॉर्ड का अध्ययन करने के बाद आगे का निर्णय लेगी. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामले के तथ्यों और चयन प्रक्रिया से जुड़े पहलुओं की समीक्षा आवश्यक है.

43 सीटें सुरक्षित रखने का निर्देश

सुनवाई के दौरान अदालत ने याचिकाकर्ताओं के संभावित अधिकारों की रक्षा के लिए 43 सीटें सुरक्षित रखने का आदेश दिया. इसका मतलब है कि इन सीटों पर फिलहाल अंतिम निर्णय होने तक स्थिति यथावत बनी रहेगी. अदालत का यह निर्देश इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है ताकि यदि भविष्य में याचिकाकर्ताओं के पक्ष में फैसला आता है तो उनके दावे पर प्रभाव न पड़े.

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30 सितंबर को अगली सुनवाई

हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 30 सितंबर की तिथि निर्धारित की है. अब इस मामले में सभी की नजर JSSC के जवाब पर रहेगी. अदालत आयोग के जवाब और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर यह तय करेगी कि चयन प्रक्रिया में याचिकाकर्ताओं के साथ किसी प्रकार की अनदेखी हुई है या नहीं तथा नियुक्ति से जुड़े उनके दावों पर आगे क्या आदेश दिया जाना चाहिए.

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By Rana pratap

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