Jharkhand High Court: झारखंड हाईकोर्ट ने जेएसएससी सीजीएल परीक्षा 2023 से नियुक्त 244 अधिकारियों को बड़ी राहत दी है. जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने राज्य सरकार की उस अधिसूचना पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिसके तहत सीजीएल परीक्षा के विज्ञापन संख्या-10/2023 को रद्द किया गया था. अदालत ने राज्य सरकार और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) को इस मामले में जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए अगली सुनवाई के लिए 15 सितंबर की तारीख तय की है.
244 अधिकारियों ने दी थी अधिसूचना को चुनौती
यह मामला सीजीएल परीक्षा से विभिन्न विभागों में नियुक्त 244 अधिकारियों की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान सामने आया. निरोज खेस सहित सभी याचिकाकर्ताओं ने राज्य सरकार की 18 अगस्त की अधिसूचना को चुनौती दी थी. उनका कहना है कि सरकार ने परीक्षा का विज्ञापन रद्द कर दिया, जबकि उसी परीक्षा के आधार पर उनकी नियुक्ति पहले ही हो चुकी है और वे वर्तमान में विभिन्न विभागों में सेवाएं दे रहे हैं.
हाईकोर्ट ने लगायी अंतरिम रोक
सुनवाई के दौरान अदालत ने पहले याचिकाकर्ताओं का पक्ष सुना. इसके बाद सरकार की विज्ञापन रद्द करने संबंधी अधिसूचना पर अंतरिम रोक लगा दी. अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले में राज्य सरकार और जेएसएससी अपना जवाब दाखिल करें, जिसके बाद आगे की सुनवाई होगी. फिलहाल इस आदेश से सीजीएल परीक्षा के जरिए नियुक्त अधिकारियों को तत्काल राहत मिली है.
याचिकाकर्ताओं ने रखा यह पक्ष
याचिकाकर्ताओं की ओर से पूर्व महाधिवक्ता और वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव रंजन ने अदालत में पैरवी की. उन्होंने दलील दी कि जेएसएससी ने सीजीएल प्रतियोगिता परीक्षा आयोजित की थी, जिसके आधार पर अभ्यर्थियों की अनुशंसा की गई और राज्य सरकार ने उन्हें विधिवत नियुक्ति भी दे दी. नियुक्ति के बाद अधिकारी नियमित रूप से अपनी सेवाएं दे रहे हैं. ऐसे में बाद में परीक्षा के विज्ञापन को रद्द करना कानूनी रूप से उचित नहीं है.
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सरकार और जेएसएससी से मांगा जवाब
अदालत ने इस पूरे मामले पर राज्य सरकार और जेएसएससी को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. अब दोनों पक्षों की प्रतिक्रिया के बाद मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी. इस बीच हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश से सीजीएल परीक्षा से नियुक्त 244 अधिकारियों की सेवा पर तत्काल प्रभाव से कोई कार्रवाई नहीं हो सकेगी, जिससे उन्हें फिलहाल राहत मिल गई है.
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