रांची से राणा प्रताप सिंह की रिपोर्ट
Ranchi News: रांची के सुखदेव नगर थाना क्षेत्र में आदिवासी जमीन पर बने मकानों पर फिलहाल नगर निगम का बुलडोजर नहीं चलेगा. झारखंड हाईकोर्ट ने इन मकानों को तोड़ने की कार्रवाई पर तत्काल रोकने का निर्देश दिया है. हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति राजेश शंकर की अदालत ने हेहल अंचल के सीओ से जमीन के सारे रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश देते हुए जवाब मांगा है. इस मामले में 27 फरवरी को फिर सुनवाई होगी. प्रार्थी रौनक कुमार एवं अन्य 11 की ओर से हस्तक्षेप याचिका दायर कर मकान तोड़ने की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई थी.
10 फरवरी से मकानों पर चल रहा बुलडोजर
रांची के सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के खादगढ़ा शिव दुर्गा मंदिर के पास 48 डिसमिल भुईंहरी प्रकृति की जमीन पर बने 12 मकानों को मंगलवार 10 फरवरी की सुबह करीब 11 बजे से तोड़ने की कार्रवाई चल रही है. इस कार्रवाई के दौरान दंडाधिकारी, भारी पुलिस बल, हेहल सीओ और सीआई भी मौजूद थे. कार्रवाई शुरू होते ही इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
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क्या कहते हैं स्थानीय लोग
स्थानीय लोगों का कहना है कि 48 डिसमिल में से 38.25 डिसमिल जमीन पर वे वर्षों से रह रहे हैं. सीताराम चौधरी, गायत्री देवी, नारायण साव, फूलो देवी, महेश प्रसाद, मोहनलाल साहू, सुरेश साव और रामलखन यादव के परिजनों का आरोप है कि उन्होंने खतियानी जमीन के वंशज को प्रति कट्ठा 5.25 लाख रुपये के हिसाब से कुल 1 करोड़ 8 लाख 93 हजार 750 रुपये का भुगतान ऑनलाइन और ड्राफ्ट के माध्यम से किया है.
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