रांची: अगर आप झारखंड में रहते हैं और अपना कोई नया रोजगार, स्टार्टअप या व्यवसाय शुरू करने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए यह सबसे मुफीद समय है. हेमंत सोरेन सरकार ने राज्य में स्वरोजगार को बढ़ावा देने और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाएं शुरू की हैं. इन सरकारी योजनाओं के तहत न केवल आसान शर्तों पर ऋण (Loan) उपलब्ध कराया जा रहा है, बल्कि सब्सिडी और प्रशिक्षण की भी विशेष व्यवस्था की गई है. यदि आप भी अपने बिजनेस का सपना पूरा करना चाहते हैं, तो सरकार की इन प्रमुख योजनाओं का लाभ उठाकर अपने सफर की शुरुआत कर सकते हैं.
मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना (CMEGP)
मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना नए उद्यमियों के लिए सबसे बड़ा सहारा है और ये युवाओं के खुद का व्यवसाय शुरू करने के लिए एक गेम-चेंजर भी साबित हो रही है. हालांकि ये योजना एसटी (ST), एससी (SC), अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग (OBC) और दिव्यांग युवाओं के लिए है. इस योजना के तहत दुकान खोलने, वाहन खरीदने, छोटा उद्योग लगाने या सेवा क्षेत्र से जुड़ा बिजनेस शुरू करने के लिए 50 हजार रुपये से लेकर 25 लाख रुपये तक का ऋण दिया जाता है. इस योजना की खास बात यह है कि इसमें स्वीकृत ऋण राशि पर 40% तक की भारी सब्सिडी (अधिकतम 5 लाख रुपये) राज्य सरकार द्वारा दी जाती है.
झारखंड एमएसएमई नीति (Jharkhand MSME Policy)
झारखंड में मैन्युफैक्चरिंग या सर्विस सेक्टर में कोई छोटी या मध्यम यूनिट (Micro, Small & Medium Enterprise) स्थापित करने की इच्छा रखने वालों के लिए 'एमएसएमई नीति' बेहद फायदेमंद है. क्योंकि इस स्कीम के तहत नया प्लांट, मशीनरी या उद्योग लगाने पर कुल निवेश का 15% से 25% तक (करोड़ों रुपये तक) सब्सिडी का प्रावधान है. इसके अलावा स्टाम्प ड्यूटी में छूट, बिजली शुल्क में राहत और गुणवत्ता प्रमाणन (Quality Certification) पर भी वित्तीय सहायता मिलती है.
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मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना
ग्रामीण या अर्ध-शहरी इलाकों में कृषि से जुड़े व्यवसाय (Agri-Business) में रुचि रखने वालों के लिए यह योजना बेहद लोकप्रिय है. हालांकि ये स्कीम उन लोगों के लिए है जो डेयरी फार्मिंग, बकरी पालन, सूअर पालन और पोल्ट्री (मुर्गी पालन) जैसे बिजनेस में आगे बढ़ना चाहते हैं. इसके तहत शेड निर्माण, पशुओं की खरीद और उन्नत नस्ल के मवेशियों पर 50% से लेकर 90% तक की छूट/अनुदान दिया जाता है. विशेषकर महिलाओं और पशुपालकों के लिए यह योजना बेहद लाभकारी है.
फूलो-झानो आशीर्वाद योजना
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा चलाए जा रहे इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में हड़िया-शराब के निर्माण और बिक्री से जुड़ी महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें सम्मानजनक आजीविका देने के लिए यह स्कीम संचालित है. इस अभियान के माध्यम से महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जोड़कर बिना ब्याज के 10,000 रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है ताकि वे किराना दुकान, पशुपालन या हस्तशिल्प जैसे अपने छोटे व्यवसाय शुरू कर सकें.
आवेदन कैसे करें और क्या हैं जरूरी दस्तावेज?
इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आपके पास नीचे दिये गये इन दस्तावेजों का होना आवश्यक है.
- झारखंड का स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र (Residential Certificate)
- आय एवं जाति प्रमाण पत्र (Income & Caste Certificate-श्रेणी अनुसार)
- आधार कार्ड एवं बैंक खाता विवरण
- प्रोजेक्ट रिपोर्ट (बिजनेस प्लान कि आप क्या काम शुरू करना चाहते हैं)
क्या है आवेदन प्रक्रिया
मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना (CMEGP) के लिए आप झारखंड राज्य अनुसूचित जनजाति/अनुसूचित जाति/पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम के जिला कार्यालयों या ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं. वहीं, ऊपर दिये गए अन्य योजनाओं के लिए निकटतम ब्लॉक (प्रखंड) कार्यालय, जिला उद्योग केंद्र (DIC) या जेएसएलपीएस (JSLPS) के प्रतिनिधियों से संपर्क किया जा सकता है.
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