झारखंड में जल्द लागू होगी नई हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम, लाखों सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

Ranchi News: झारखंड सरकार ने कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और पुलिसकर्मियों के लिए बेहतर हेल्थ बीमा योजना लागू करने की तैयारी की है. 23 अप्रैल को नई बीमा कंपनी के साथ एमओयू साइन होगा. योजना में कैशलेस इलाज और 10 लाख तक का कवर मिलेगा, जिससे लाखों लाभुकों को राहत मिलेगी. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

रांची से विपिन सिंह की रिपोर्ट

Ranchi News: झारखंड के सरकारी कर्मचारियों को जल्द ही नई हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम का लाभ मिलेगा. सरकार राज्य के सरकारी कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और अन्य संबंधित कर्मियों के लिए स्टेट एम्प्लाइज हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम को और बेहतर बनाने जा रही है. इस योजना के तहत 23 अप्रैल को बीमा कंपनी के साथ एमओयू (एकरारनामा) साइन किया जाएगा. इस नई पहल से लाखों लाभुकों को बेहतर और व्यापक स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी.

स्वास्थ्य मंत्री की मौजूदगी में होगा समझौता

इस महत्वपूर्ण समझौते की प्रक्रिया स्वास्थ्य निदेशालय, नामकुम में पूरी की जाएगी. इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी स्वयं उपस्थित रहेंगे और नई बीमा कंपनी के साथ औपचारिक समझौता करेंगे. कार्यक्रम में झारखंड पुलिस मेंस एसोसिएशन के स्टेट प्रेसिडेंट, महासचिव और अन्य प्रतिनिधि भी शामिल होंगे. इसके अलावा झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी (जसास) के कार्यकारी निदेशक छवि रंजन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे.

60 हजार पुलिसकर्मियों को भी मिलेगा सीधा लाभ

इस योजना के लागू होने से राज्य के करीब 60 हजार पुलिसकर्मियों को भी सीधे तौर पर लाभ मिलेगा. सरकार का उद्देश्य है कि सभी सरकारी कर्मियों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें. यह योजना कर्मचारियों के साथ-साथ उनके परिवार के सदस्यों को भी सुरक्षा प्रदान करेगी.

पुरानी कंपनी की जगह नई बीमा कंपनी से समझौता

बताया जा रहा है कि पहले की बीमा कंपनी के साथ समझौता समाप्त हो चुका है. अब सरकार नई बीमा कंपनी के साथ इस योजना को आगे बढ़ाने जा रही है. इससे उम्मीद की जा रही है कि सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और लाभुकों को अधिक सुविधाएं मिलेंगी.

कैशलेस इलाज की सुविधा, 10 लाख तक का कवर

नई हेल्थ बीमा योजना के तहत अब लाभुक राज्य के प्रमुख सरकारी और निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज करा सकेंगे. सामान्य स्थिति में 5 लाख रुपये तक और विशेष परिस्थितियों में 10 लाख रुपये तक का इलाज संभव होगा. इससे गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक बोझ कम होगा.

देश के बड़े अस्पतालों को किया गया सूचीबद्ध

इस बार राज्य सरकार ने खुद अस्पतालों का पैनल तैयार किया है. इसमें टाटा ग्रुप के अस्पताल, मेदांता (गुरुग्राम), अपोलो (चेन्नई), सीएमसी वेल्लोर और एआईजी (हैदराबाद) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों को शामिल किया गया है. इससे लाभुकों को देश के नामी अस्पतालों में भी बेहतर इलाज मिल सकेगा.

तीन श्रेणियों में मिलेगा योजना का लाभ

सरकार ने इस योजना को तीन श्रेणियों में विभाजित किया है.

  • श्रेणी ए: राज्य विधानसभा के वर्तमान सदस्य और सभी सरकारी सेवाओं के कर्मचारी इसमें शामिल होंगे.
  • श्रेणी बी: पदाधिकारी और कर्मचारी निर्धारित बीमा राशि का भुगतान कर इस योजना का लाभ ले सकेंगे. यह पूरी तरह वैकल्पिक होगा.
  • श्रेणी सी: झारखंड उच्च न्यायालय की समिति के तहत निबंधित अधिवक्ताओं को इस श्रेणी में शामिल किया गया है.

इन तीनों श्रेणियों के आश्रितों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा.

6 लाख से अधिक लाभुक होंगे कवर

राज्य कर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत कुल 6,27,429 लाभुक शामिल हैं. इसके अलावा 4,56,154 आश्रित भी इस योजना के दायरे में आएंगे. इस प्रकार बड़ी संख्या में लोग इस योजना से लाभान्वित होंगे.

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स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम

यह नई हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम झारखंड सरकार की ओर से स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है. इससे सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलेगी और इलाज के दौरान आर्थिक बोझ भी कम होगा. सरकार का दावा है कि यह योजना स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को नई ऊंचाई पर ले जाएगी.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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