Jharkhand: कोर्ट फीस बढ़ाने के विरोध में स्टेट बार काउंसिल ने दायर की याचिका, जानें कितनी हुई बढ़ोतरी

बगैर विचार किये फीस में बढ़ोतरी कर दी गयी है. इससे लोगों के फंडामेंटल राइट्स (मौलिक अधिकार) बाधित होंगे. झारखंड में वकालतनामा पर फीस बढ़ाने का अधिकार राज्य सरकार को नहीं है.

रांची : कोर्ट फीस में बढ़ोतरी के विरोध में स्टेट बार काउंसिल ने झारखंड हाइकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है. प्रार्थी काउंसिल ने कोर्ट फीस बढ़ोतरी को चुनौती देते हुए वापस लेने की मांग की है. काउंसिल ने याचिका में कहा है कि राज्य सरकार ने कोर्ट फीस में बढ़ोतरी करने से पूर्व किसी से सलाह-मशविरा नहीं किया.

बगैर विचार किये फीस में बढ़ोतरी कर दी गयी है. इससे लोगों के फंडामेंटल राइट्स (मौलिक अधिकार) बाधित होंगे. झारखंड में वकालतनामा पर फीस बढ़ाने का अधिकार राज्य सरकार को नहीं है. अधिकार बार काउंसिल या बार एसोसिएशन को है कि वकालतनामा पर कितना फीस लिया जाये.

कितनी बढ़ी है फीस

झारखंड हाईकोर्ट के वकालतनामा पर अब 50 रुपये की कोर्ट फीस चिपकायी जाएगी. जबकि वर्तमान में यह पांच रुपये है. यानी सीधे 10 फीसदी तक की बढ़ोतरी की गई है. वहीं राज्य की निचली अदालतों के वकालतनामा पर कोर्ट फीस पांच से बढ़ाकर 30 रुपये कर दी गई है.

वहीं अगर आप अभी निचली अदालतों में शपथ पत्र दायर करेंगे तो 20 रुपये देनें होंगे जबकि हाईकोर्ट के लिए यह फीस 30 रुपये कर गयी है. जबकि ये फीस पहले केवल 5 रुपये थे. वहीं अगर आप विवाद संबंधित सूट फाइल करेंगे तो इसके लिए अब आपको अधिकतम तीन लाख रुपये की कोर्ट फीस लगेगी. जबकि वर्तमान में इसकी फीस 50 हजार रुपये ही है. इसी तरह हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल करने पर अब एक हजार रुपये लगेंगे. जबकि वर्तमान में सिर्फ 250 रुपये ही लगते हैं. जबकि समान्य आवेदन पर 250 से लेकर 500 रुपये तक का शुल्क चार्ज किया जाएगा.

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By Prabhat khabar news desk

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