शादी की सालगिरह पर हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन का देखें खालिस पंजाबन लुक

कल्पना सोरेन कभी राजनीति में सक्रिय नहीं रहीं. लेकिन, हेमंत सोरेन के मुख्यमंत्री बनने के बाद सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनकी उपस्थिति लगातार देखी जा रही हैं. वर्ष 2019 के चुनाव में जब झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की अगुवाई में यूपीए की सरकार बनी, तब वह हेमंत सोरेन के साथ दिल्ली गयीं थीं.

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया में हैं. पीली ड्रेस में वह स्वर्ण मंदिर में मत्था टेकने पहुंचीं थीं. स्वर्ण मंदिर में कल्पना सोरेन का खालिस पंजाबन लुक सामने आया था. वह हेमंत सोरेन के साथ पिछले दिनों स्वर्ण मंदिर गयीं थीं.

स्वर्ण मंदिर में उन्होंने मत्था टेका और पंगत में बैठकर लंगर भी छका. हेमंत सोरेन ने भी पंगत में बैठकर लंगर खाया. मुख्यमंत्री ने बृहस्पतिवार को अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर में मत्था टेककर झारखंडवासियों की सुख, शांति, समृद्धि और स्वस्थ जीवन की कामना की.

कल्पना सोरेन कभी राजनीति में सक्रिय नहीं रहीं. लेकिन, हेमंत सोरेन के मुख्यमंत्री बनने के बाद सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनकी उपस्थिति लगातार देखी जा रही हैं. वर्ष 2019 के चुनाव में जब झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की अगुवाई में यूपीए की सरकार बनी, तब वह हेमंत सोरेन के साथ दिल्ली गयीं थीं.

दिल्ली में हेमंत सोरेन के साथ कल्पना सोरेन ने तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की थी. कल्पना ने कुछ देर तक प्रणब दा के साथ बातचीत भी की थी. हेमंत सोरेन अपने शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रण देने प्रणब दा के पास गये थे.

पिछले वर्ष 15 नवंबर को राजधानी रांची के मोरहाबादी में झारखंड स्थापना दिवस का मुख्य कार्यक्रम आयोजित हुआ था. इस कार्यक्रम में दिशोम गुरु शिबू सोरेन के अलावा कल्पना सोरेन ने भी शिरकत की थी. वह मंच पर भी नजर आयीं थीं और नियुक्ति पत्र भी बांटा था.

कल्पना सोरेन का सोरेन परिवार में अलग रुतबा है. वह पूरे परिवार का ख्याल रखतीं हैं. दिशोम गुरु शिबू सोरेन को जब बृहस्पतिवार को सांस लेने में तकलीफ हुई, तो उनकी बहू कल्पना सोरेन ही उन्हें लेकर ओरमांझी स्थित मेदांता अस्पताल पहुंचीं और एडमिट करवाया.

हर साल हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन की शादी की सालगिरह पर उनकी तस्वीरें सामने आतीं हैं. इस बार इस दंपती ने शादी की सालगिरह पर चंडीगढ़ स्थित प्रसिद्ध स्वर्ण मंदिर में पूजा-अर्चना की.

सोशल मीडिया पर हेमंत सोरेन के साथ कल्पना सोरेन को सर्च करेंगे, तो देवघर स्थित बाबाधाम मंदिर में बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करती नजर आयेंगी. इस तस्वीर में कल्पना सोरेन ने साड़ी पहन रखी है. सिर पर चंदन लगा रखा है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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