Table of Contents
West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक विधायक ने पार्टी छोड़कर तृणमूल कांग्रेस का झंडा थाम लिया है. तृणमूल कांग्रेस के ऑफिशियल एक्स हैंडल से बृहस्पतिवार को यह जानकारी शेयर की गयी. बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी ने कहा है कि उत्तर बंगाल के कर्सियोंग के भाजपा विधायक विष्णु प्रसाद शर्मा तृणमूल कांग्रेस परिवार में शामिल हो गये हैं.
ममता बनर्जी के नेतृत्व में जताया विश्वास
शर्मा के टीएमसी में शामिल होने का वीडियो भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किया गया है. टीएमसी ने कहा है कि ब्रात्य बसु और डॉ शशि पांजा की मौजूदगी में विष्णु प्रसाद शर्मा ने तृणमूल कांग्रेस की सदस्यता ली. इसमें आगे कहा गया है कि भाजपा के जनविरोधी और बांग्ला विरोधी रवैये से नाराज होकर शर्मा ने ममता बनर्जी के नेतृत्व में काम करने का फैसला किया है.
West Bengal Politics: टीएमसी ने किया विष्णु प्रसाद शर्मा का स्वागत
टीएमसी ने कहा है कि विष्णु प्रसाद शर्मा का मानना है कि ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस ही बंगाल का विकास कर सकती है. अब वह ममता बनर्जी की लीडरशिप में वह बंगाल की जनता की सेवा करेंगे. तृणमूल कांग्रेस ने कहा है कि विष्णु प्रसाद शर्मा का पार्टी में तहे दिल से स्वागत है. पार्टी को विश्वास है कि शर्मा के टीएमसी में शामिल होने से उसकी ताकत बढ़ेगी. इन्क्लूसिव डेवलपमेंट और जनहित के कार्यों में वह अहम भूमिका निभायेंगे.
बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
लोकसभा चुनाव में विष्णु प्रसाद शर्मा ने पार्टी से की थी बगावत
शर्मा ने 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा से बगावत कर दी थी. उन्होंने दार्जिलिंग सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था. उन्होंने अलग गोरखालैंड राज्य की मांग का यह कहते हुए समर्थन किया था कि दार्जिलिंग पहाड़ियों पर अधिक ध्यान देने और विकास की आवश्यकता है.
अब मैं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विकास मॉडल के लिए काम करूंगा. मुझे मेरे गोरखा भाइयों और बहनों ने चुना था, लेकिन मैं उनके लिए काम नहीं कर पाया. भाजपा ने वादे तो किये, लेकिन कुछ नहीं किया. जमीनी स्तर पर कोई ठोस काम नहीं हुआ.
विष्णु प्रसाद शर्मा
भाजपा ने कहा- शर्मा का नहीं है कोई जनाधार
उन्होंने यह दावा करते हुए भाजपा के प्रति कई बार असंतोष व्यक्त किया था कि क्षेत्रीय मांगों को पूरा करने का कई बार आश्वासन देने के बाद भी पार्टी ने जमीनी स्तर पर अपना वादा नहीं निभाया. पश्चिम बंगाल विधानसभा में भाजपा के मुख्य सचेतक शंकर घोष ने दावा किया कि शर्मा का अपने निर्वाचन क्षेत्र में कोई जनाधार नहीं है. वह लंबे समय से पार्टी के संपर्क में नहीं हैं.
अप्रैल में बंगाल विधानसभा की 294 सीटों पर वोट की संभावना
पश्चिम बंगाल में 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव अगले 2 महीनों में होने की संभावना है. मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल मई में समाप्त होगा. चुनाव की घोषणा मार्च के दूसरे या तीसरे सप्ताह में होने की संभावना है. अप्रैल में सभी 294 विधानसभा सीटों के लिए वोटिंग कराये जाने की संभावना है.
इसे भी पढ़ें
बंगाल की राजनीति में राम-कृष्ण की एंट्री, अमित शाह की मायापुर यात्रा के बाद TMC और BJP में छिड़ी जंग
भाजपा नेता को फिल्मी अंदाज में धमकी, घर के सामने रखवाये सफेद फूल, धोती और अगरबत्ती
