Jharkhand Chunav: 1991 से नहीं कट रही थी जमीन की रसीद, वोट बहिष्कार से निकला रास्ता

Jharkhand Chunav: झारखंड के रामगढ़ जिले के दुमली प्रखंड में 1991 से लोगों की जमीन की रसीद नहीं कट रही थी. वोट बहिष्कार करके, प्रशासन से अपनी मांगें बनवाई.

Jharkhand Chunav: झारखंड के एक प्रखंड में वर्ष 1991 से जमीन की रसीद नहीं कट रही थी. लोग परेशान थे. सरकारी अधिकारियों के चक्कर लगाकर थक गए. बुधवार को आखिरकार उनकी समस्या का समाधान हो गया. इसके लिए उन्हें वोट का बहिष्कार करना पड़ा.

दुलमी प्रखंड में 2 मतदान केंद्रों पर वोट बहिष्कार

जी हां, रामगढ़ जिले के दुमली प्रखंड में 2 मतदान केंद्र पर लोगों ने झारखंड विधानसभा चुनाव का बहिष्कार कर दिया. बूथ संख्या 184 और 185 के मतदाताओं ने बताया कि 1991 से अब तक उनकी जमीन की रसीद जारी नहीं की गई है. इससे वे परेशान हैं.

रामगढ़ के डीडीसी लोगों को मनाने पहुंचे गांव

ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने तय किया कि इस बार वे झारखंड के लोकतंत्र के महापर्व में तब तक हिस्सा नहीं लेंगे, जब तक उनकी इस समस्या का समाधान नहीं हो जाता. सो मांडू विधानसभा क्षेत्र के लोगों ने वोट बहिष्कार कर दिया. सूचना मिलने पर रामगढ़ के डीडीसी गांव में पहुंचे.

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डीडीसी के आश्वासन के बाद शुरू हुई वोटिंग

डीडीसी ने ग्रामीणों के साथ बैठक की. उनकी समस्या सुनी. उन्होंने आश्वासन दिया कि उनकी जमीन की रसीद कटनी शुरू हो जाएगी. उनकी समस्या का समाधान हो जाएगा. तब जाकर 184 नंबर बूथ के लोगों ने 10:15 बजे और 185 नंबर बूथ के लोगों ने 10:35 बजे से मतदान शुरू किया.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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