झारखंड कैबिनेट के बड़े फैसले, खुलेंगे 745 'अबुआ दवाखाना', सरकारी कर्मियों का DA बढ़ा

Jharkhand Cabinet Meeting: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई झारखंड कैबिनेट की बैठक में 39 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. इसमें 745 'अबुआ दवाखाना' की शुरुआत, सरकारी कर्मियों का 2% डीए बढ़ना और दिल्ली झारखंड भवन के किरायों में संशोधन शामिल हैं.

रांची से सुनील चौधरी की रिपोर्ट

Jharkhand Cabinet Meeting, रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में बुधवार को हुई झारखंड कैबिनेट की बैठक में राज्य के सर्वांगीण विकास और जनता को सीधी राहत देने वाले कुल 39 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई. इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य रूप से लोक स्वास्थ्य, सरकारी कर्मचारियों के कल्याण, कला-संस्कृति के संरक्षण और प्रशासनिक सरलीकरण से जुड़े कई दूरगामी फैसले लिए गए, जो राज्य के विकास में नए आयाम जोड़ेंगे.

‘अबुआ दवाखाना’ से स्वास्थ्य क्रांति और डीए में वृद्धि

झारखंड कैबिनेट ने प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए ‘अबुआ दवाखाना’ (एकीकृत औषधि केंद्र) योजना को मंजूरी दी है. इसके तहत सभी 24 जिलों के 745 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में ये केंद्र खोले जाएंगे, जहां मरीजों को एलोपैथी, आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी और सिद्धा पद्धतियों की जरूरी दवाएं एक ही छत के नीचे मुफ्त मिलेंगी. इसके साथ ही, राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनधारियों को बड़ी सौगात देते हुए उनके महंगाई भत्ते (DA) में दो प्रतिशत की वृद्धि की गई है.

Also Read: Ranchi: स्पार्टन वारियर्स बना RCCL सीजन 3 चैंपियन

कलाकारों को पेंशन और ड्रग तस्करों पर कड़ा प्रहार

संस्कृति को सहेजने वाले वृद्ध, गंभीर बीमार और दिव्यांग कलाकारों की सामाजिक सुरक्षा के लिए ‘मासिक निवृत्तिका योजना’ में संशोधन कर पेंशन राशि को बढ़ाकर 4,000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है. इसके अलावा, राज्य में नशीले पदार्थों के खात्मे के लिए एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत नई पुरस्कार नीति लागू की गई है, जिसके तहत ड्रग्स की तस्करी और पेडलिंग की सटीक सूचना देने वालों को 3,000 रुपये से लेकर 2 लाख रुपये तक का नकद इनाम दिया जाएगा.

दिल्ली झारखंड भवन के किराए में बदलाव और वैट से राहत

मंत्रिपरिषद ने नई दिल्ली (वसंत विहार) स्थित झारखंड भवन के कमरों के आरक्षण शुल्क (किराए) में बड़ा संशोधन किया है. इसके तहत मंत्रियों और जजों के लिए ठहरना पूरी तरह निशुल्क होगा, जबकि विधायकों के लिए मात्र 100 रुपये प्रतिदिन का शुल्क लगेगा. वहीं, आम नागरिकों या वीआईपी सिफारिश पर निजी कार्य से रुकने वालों को प्रतिदिन 3,000 से 5,000 रुपये तक का भारी शुल्क चुकाना होगा. इसके साथ ही, व्यापार को सुगम बनाने के लिए पेट्रोल, डीजल और शराब के खुदरा विक्रेताओं को मासिक और त्रैमासिक वैट रिटर्न (Form JWAT 200/213) दाखिल करने से पूरी तरह छूट दे दी गई है.

कृषि, उड्डयन और अन्य महत्वपूर्ण फैसले

बैठक में दुमका हवाई अड्डे से नियमित कमर्शियल उड़ान शुरू करने के लिए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के साथ अनुबंध के प्रारूप को हरी झंडी दी गई. कृषि क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए 1.05 लाख हेक्टेयर भूमि पर जैविक खेती के प्रमाणीकरण के लिए 370 करोड़ रुपये से अधिक की योजना स्वीकृत की गई. साथ ही, पशुपालकों के लिए ‘व्यवसायिक बकरा-बकरी पालन योजना’ के तहत 30 करोड़ रुपये की नई अनुदान योजना को मंजूरी दी गई है. अंत में, विस्थापितों को मिलने वाले भू-भाग और सार्वजनिक उपयोग के लिए दान की गई भूमि के दस्तावेजों को स्टांप और निबंधन शुल्क से मुक्त करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया.

Also Read: Ranchi: शहजादा अनवर ने राज्यसभा चुनाव के लिए पेश की दावेदारी, कांग्रेस से मांगा टिकट

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Sameer Oraon

समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >