Political news : झारखंड भाजपा में मंडल अध्यक्षों के गठन की प्रक्रिया पूरी, जल्द घोषित होंगे नाम

मंडल अध्यक्षों के चयन में राजनीतिक व सामाजिक समीकरण का रखा गया ध्यान, युवाओं को दी गयी तरजीह. मंडल अध्यक्षों की घोषणा के बाद शुरू होगी जिलाध्यक्षों के चयन की प्रक्रिया.

सतीश कुमार, रांची.

झारखंड में भाजपा ने प्रदेश के सभी 517 मंडलों में अध्यक्ष समेत मंडल समितियों के गठन की प्रक्रिया पूरी कर ली है. अब प्रदेश नेतृत्व की ओर से जल्द ही मंडल अध्यक्षों के नामों का एकसाथ घोषणा की जायेगी. इसको लेकर प्रक्रिया अंतिम चरम में है. मंडल अध्यक्षों के नाम की घोषणा होने के बाद भाजपा के 27 संगठनात्मक जिलों में चुनाव की प्रक्रिया शुरू की जायेगी. इनमें से 14 जिलों में जिलाध्यक्षों की चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद केंद्रीय नेतृत्व को इसकी रिपोर्ट भेजी जायेगी. इसके आधार पर केंद्रीय नेतृत्व द्वारा प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किये जायेंगे और चुनाव की प्रक्रिया पूरी करायी जायेगी. पार्टी की ओर से आपसी सहमति बना कर चुनाव की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया है.

जिलों से रिपोर्ट एकत्र कर अंतिम नामों का चयन किया गया

पार्टी सूत्रों के अनुसार, प्रदेश में मंडल अध्यक्षों के पैनल बनाने के लिए पांच-सात सप्ताह तक चलने वाली रिपोर्टिंग प्रक्रिया पूरी हो गयी है. इसके तहत पर्यवेक्षकों द्वारा जिलों से रिपोर्ट एकत्र कर अंतिम नामों का चयन किया गया है. अध्यक्षों के चयन में राजनीतिक व सामाजिक समीकरण में संतुलन बैठाने का खास ध्यान रखा गया है. आदिवासी, दलित, पिछड़ा वर्ग और अन्य जाति-समूहों का संतुलन कर मंडल अध्यक्षों की सूची तैयार की गयी है, ताकि आगामी निकाय चुनाव में पार्टी की ताकत बढ़े. हालांकि, 50 प्रतिशत से अधिक व बूथों में संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया पूरी कर प्रदेश भाजपा पहले ही राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में हिस्सा लेने की पात्रता हासिल कर चुकी है. झारखंड में विधानसभा चुनाव होने की वजह से भाजपा ने 15 दिसंबर 2024 से सदस्यता अभियान शुरू किया था. इसके बाद संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया प्रारंभ की गयी थी. झारखंड में संगठनात्मक प्रक्रिया लगभग ढ़ाई माह विलंब से चल रही है. पार्टी की ओर से मार्च में ही संगठनात्मक प्रक्रिया पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया था.

संगठनात्मक मंडलों की संख्या बढ़ेगी, किया गया पुनर्गठन

भाजपा में संगठनात्मक मंडलों की संख्या बढ़ेगी. कई मंडलों का पुनर्गठन किया गया है. 80 बूथों वाले मंडल को दो भागों में बांटा गया है. छोटा मंडल होने पर संगठनात्मक गतिविधि सुचारु रूप से संचालित होगी. नये गठित मंडलों में भी अध्यक्ष का चयन कर लिया गया है. मंडल गठन में युवाओं को तरजीह दी गयी है.

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By RAJIV KUMAR

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