नवीन शर्मा की रिपोर्ट
JPSC JSSC Student Protest : झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच अब राजनीतिक बयानबाजी और कार्रवाई की मांग तेज हो गई है. गुरुवार को इंडिया गठबंधन के प्रतिनिधिमंडल ने प्रोजेक्ट भवन पहुंचकर मुख्य सचिव से मुलाकात की. प्रतिनिधिमंडल ने छात्र आंदोलन के दौरान उपद्रव और अराजकता फैलाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर मुख्य सचिव को आवेदन सौंपा.
प्रतिनिधिमंडल में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM), कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और भाकपा माले के नेता और प्रतिनिधि शामिल रहे. प्रतिनिधिमंडल में विनोद पांडे, राजेश ठाकुर, केशव महतो कमलेश, ममता देवी, राजेश कच्छप, एमटी राजा, विकास मुंडा, सुरेश बैठा और मनोज यादव शामिल थे.
'निर्दोष छात्रों पर नहीं होगी कार्रवाई'
मुख्य सचिव से मुलाकात के बाद JMM महासचिव और प्रतिनिधिमंडल के सदस्य विनोद पांडे ने कहा कि निर्दोष छात्रों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि सरकार उन छात्रों के साथ खड़ी है, जो शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने के लिए आंदोलन में शामिल हुए थे.
विनोद पांडे ने कहा कि आंदोलन की आड़ में अराजकता फैलाने वाले तत्वों को किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा. उन्होंने कहा कि जो छात्र वास्तव में उपद्रव में शामिल रहे और जिन्होंने कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की, उनके साथ वे खड़े नहीं हैं. वहीं, शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने वाले छात्रों पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए.
बीजेपी के अल्टीमेटम पर कांग्रेस का पलटवार
इधर, झारखंड कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने बीजेपी के 48 घंटे के अल्टीमेटम पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भाजपा के अल्टीमेटम से डरने वाली नहीं है. केशव महतो कमलेश ने कहा कि छात्र आंदोलन के दौरान जिन निर्दोष छात्रों पर प्राथमिकी दर्ज हुई है, उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी. हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन में कुछ राजनीतिक चेहरे शामिल थे, जिन्होंने छात्रों के आंदोलन को हथियार बनाकर राज्य में अराजकता फैलाने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग मुख्य सचिव से की गई है.
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'CCTV फुटेज से राजनीतिक लोगों की पहचान हो'
आरजेडी की ओर से प्रतिनिधिमंडल में शामिल मनोज यादव ने कहा कि आरजेडी कभी भी छात्रों के साथ गलत नहीं होने देगी. उन्होंने कहा कि वे खुद भी छात्र आंदोलन से जुड़े रहे हैं और छात्रों की समस्याओं को समझते हैं. मनोज यादव के मुताबिक, छात्रों की भीड़ में शामिल अराजक तत्वों और राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों की पहचान CCTV फुटेज के जरिए की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि जो लोग आंदोलन के दौरान उपद्रव और अराजकता फैलाने में शामिल थे, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.
बीजेपी ने सरकार को दिया था 48 घंटे का अल्टीमेटम
दरअसल, एक दिन पहले भारतीय जनता पार्टी ने छात्र आंदोलन के दौरान दर्ज की गई प्राथमिकी को लेकर राज्य सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था. बीजेपी ने मांग की थी कि आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज प्राथमिकी को तत्काल वापस लिया जाए. बीजेपी के प्रतिनिधिमंडल ने भी मुख्य सचिव से मुलाकात कर छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग रखी थी. अब इसी मामले को लेकर इंडिया गठबंधन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव से मुलाकात कर आंदोलन के दौरान उपद्रव करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. इस तरह JPSC-JSSC छात्र आंदोलन को लेकर सरकार पर एक तरफ निर्दोष छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने का दबाव है, तो दूसरी तरफ आंदोलन के दौरान हिंसा या अराजकता फैलाने वालों पर कार्रवाई की मांग भी सामने आ रही है. अब मुख्य सचिव के स्तर पर दिए गए दोनों पक्षों के ज्ञापनों के बाद सरकार क्या कदम उठाती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं.
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