Independence Day 2025 : 14 अगस्त 1947 की रात रांची के पहाड़ी मंदिर में क्या हुआ था, वीडियो में देखें

Independence Day 2025 : झारखंड की राजधानी रांची का पहाड़ी मंदिर बहुत रोचक इतिहास समेटे हुए है. पहाड़ पर बना भगवान शिव का यह मंदिर आजादी से पहले अंग्रेजों के कब्जे में था, और यहीं पर वे स्वतंत्रता सेनानियों को फांसी देते थे. पहाड़ी के मुख्य मंदिर में एक पत्थर लगा है. वीडियो में देखें इसमें क्या लिखा है.

Independence Day 2025 : रांची का मशहूर पहाड़ी मंदिर शायद देश का पहला धार्मिक स्थल है, जहां तिरंगा फहराया गया. 14 अगस्त 1947 की रात को पहाड़ी मंदिर पर भी तिरंगा लहराया गया. इसकी खबर जैसे ही रांची के लोगों को हुई वे पूरे शहर के लोग ढोल-नगाड़ों के साथ जुलूस में शामिल होकर पहाड़ी पर पहुंचे और रातभर आजादी का जश्न मनाया. यह पल रांची के लोगों के लिए ऐतिहासिक बन गया.

बताया जाता है कि पहाड़ी मंदिर पर तिरंगा फहराने के बाद वहां जुटी भीड़ हटने का नाम नहीं ले रही थी. उस समय शहर की आबादी कम थी, लेकिन लगभग हर घर का कोई न कोई सदस्य आजादी का जश्न मनाने पहुंचा. इसके बाद हर साल 15 अगस्त और 26 जनवरी को पहाड़ी मंदिर पर तिरंगा फहराने की परंपरा शुरू हुई, जो आज भी बिना रुके जारी है. 14 अगस्त 1947 की रात को क्या हुआ वो आपको मुख्य मंदिर के ऊपर लिखा हुआ नजर आ जाएगा. पहाड़ी मंदिर में एक पत्थर लगा है, जिसमें सारी बातें लिखी हैं. इसका वीडियो हम आपके लिए लेकर आए हैं. यहां देखें वीडियो.

‘फांसी टुंगरी’ के नाम से प्रसिद्ध था पहाड़ी मंदिर

रांची का पहाड़ी मंदिर भगवान शिव का प्रसिद्ध मंदिर है. इसे पहले टिरीबुरू कहा जाता था, लेकिन अंग्रेजों के समय इसका नाम ‘फांसी टुंगरी’ पड़ गया, क्योंकि यहां स्वतंत्रता सेनानियों को फांसी दी जाती थी. आजादी मिलने के बाद रांची में सबसे पहला झंडा इसी पहाड़ी मंदिर पर फहराया गया था.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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