रांची. ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने गुरुवार को होटल रेडिशन ब्लू में नाबार्ड के ग्रामीण भारत महोत्सव-क्लासिल्क एक्सपो 2026 के छठे संस्करण का उद्घाटन किया. 11 से 20 सितंबर तक आयोजित एक्सपो में देश के विभिन्न हिस्सों से आये बुनकर और कारीगर सिल्क साड़ियां, हैंडलूम, आर्ट एंड क्राफ्ट समेत अन्य ग्रामीण हस्तशिल्प उत्पाद प्रदर्शित कर रहे हैं. 20 सितंबर तक उत्पादों की बिक्री भी होगी.
मंत्री ने एक्सपो के विभिन्न स्टॉल का निरीक्षण किया और बुनकरों, कारीगरों तथा महिला समूहों से उनके उत्पादों की जानकारी ली. प्रदर्शनी में झारखंड के सिल्क उत्पाद और हस्तशिल्प विशेष आकर्षण का केंद्र हैं.
ग्रामीण उत्पादों को मिलेगा बड़ा बाजार
उद्घाटन के मौके पर मंत्री ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किये बिना समावेशी विकास की कल्पना नहीं की जा सकती. ऐसे आयोजन ग्रामीण उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के साथ उत्पादकों को उचित मूल्य दिलाने में मदद करते हैं.
उन्होंने कहा कि जीआइ टैग वाले उत्पादों की मौजूदगी से खरीदारों को गुणवत्ता का भरोसा मिलता है. वहीं, बुनकरों और महिला समूहों को सीधे बड़े बाजार से जुड़ने का अवसर मिलता है. एक्सपो में आयोजित बायर्स-सेलर्स मीट को उन्होंने ग्रामीण उत्पादकों के लिए महत्वपूर्ण मंच बताया.
आसान बैंकिंग और क्रेडिट लिंकेज पर जोर
मंत्री ने ग्रामीण उद्यमियों के लिए आसान बैंकिंग और बेहतर क्रेडिट लिंकेज की जरूरत पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग और जेएसएलपीएस के माध्यम से महिला समूहों को प्रशिक्षण, स्वरोजगार, बाजार और वित्तीय अवसरों से जोड़ा जा रहा है.
कार्यक्रम में रेडिशन ब्लू की कार्यकारी निदेशक नंदिनी गुप्ता, नाबार्ड के अधिकारी, बुनकरों, कारीगरों और महिला समूहों के प्रतिनिधि समेत कई लोग मौजूद थे.
