रांची से राजलक्ष्मी की रिपोर्ट
Imran Pratapgarhi: कांग्रेस ने देशभर में छात्रों और अभ्यर्थियों के मुद्दों को लेकर ‘छात्रों की गूंज’ नाम से राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया है. यह अभियान 40 दिनों तक देश के 28 प्रमुख शहरों में चलाया जाएगा. इसी क्रम में राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी गुरुवार को रांची पहुंचे और प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार पर छात्रों के मुद्दों की अनदेखी करने का आरोप लगाया.
सांसद ने क्या कहा?
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्यसभा सांसद ने कहा कि राहुल गांधी ने कोटा से इस अभियान की शुरुआत की थी. आज मैं रांची में हूं और यहीं के छात्र सार्थक ने इस सरकार को आयना दिखाया था. आज 23 लाख छात्र नीट की तैयारी कर रहे थे, ये उनकी आवाज है. उन्होंने आगे कहा कि पीएम मोदी इतने सालों में कई बार छात्रों से परीक्षा पर चर्चा कर ली लेकिन पेपर लीक पर एक बार भी पीएम ने छात्रों से इसपर चर्चा नहीं की. उन्होंने केंद्र सरकार से कहा कि थर्मामीटर बदलने से बुखार नहीं ठीक हो जाता है. सवाल है कि आखिर पेपर लिक कैसे हुआ? सरकार को ये बताना होगा. लेकिन पीएम इसपर कुछ बोलने को तैयार नहीं है. शिक्षा मंत्री जवाब नहीं देते न ही इस्तीफा दे रहे हैं. इसके खिलाफ कांग्रेस 9 अगस्त को दिल्ली चलो अभियान के तहत सरकार के खिलाफ एकजुट होकर प्रदर्शन करेगी.
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में लगातार सामने आए पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं ने छात्रों का भरोसा तोड़ा है. इमरान प्रतापगढ़ी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की है. उन्होंने कहा कि 10 सालों में अबतक 90 पेपर लीक हो चुके हैं. ऐसे में सरकार को ये नहीं पता करना चाहिए कि कांच कैसे टूटा, बल्कि ये पता लगाना चाहिए कि आखिर पत्थर किसने फेंका है.
कांग्रेस की तीन प्रमुख मांगें
- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच
- NTA समेत पूरी परीक्षा प्रणाली का स्वतंत्र ऑडिट
- वार्षिक परीक्षा और भर्ती कैलेंडर लागू कर समयबद्ध नियुक्तियां सुनिश्चित करना
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