IAS अफसर के 1 बेटे का 6 साल में 3 बार 3 जगह हुआ जन्म, ऐसे हुआ खुलासा, यहां देखें दस्तावेज

IAS Officers Son Born 3 Times in 6 Years at 3 Places: भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के एक अधिकारी के एक ही बेटे का जन्म 2-2 साल के अंतराल पर एक ही शहर में 3 जगहों पर हुआ. 3 बर्थ सर्टिफिकेट भी बन गए. फिर ऐसे हुआ खुलासा.

IAS Officers Son Born 3 Times at 3 Places: किसी भी व्यक्ति का जन्म एक बार होता है. एक ही जगह वह जन्म लेता है. लेकिन, भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के एक अधिकारी के एक ही बेटे का जन्म 3-3 बार हुआ. 3-3 जगहों पर उस बेटे ने जन्म लिया. तारीख वही रही, सिर्फ साल बदलते रहे. आईएएस अधिकारी के इस बेटे का जन्म पहली बार वर्ष 2013 में, दूसरी बार वर्ष 2015 में और तीसरी बार वर्ष 2017 में हुआ. आईएएस अधिकारी ने अपने बेटे के पासपोर्ट में जन्म की तारीख बदलने के लिए आवेदन दिया, तब इसका खुलासा हुआ. पता चला कि झारखंड में कार्यरत आईएएस अधिकारी राजीव रंजन के पुत्र आदित्य ने 3-3 बार जन्म लिया है. उनके 3 बर्थ सर्टिफिकेट भी बने हुए हैं. जी हां, 13 अक्टूबर 2013, 13 अक्टूबर 2015 और 13 अक्टूबर 2017 को इस बच्चे ने अलग-अलग जगहों पर जन्म लिया. जन्म का वर्ष बदलता गया, जन्मस्थान बदलता गया, लेकिन राज्य और शहर वही रहा. झारखंड की राजधानी रांची में अलग-अलग जगहों पर उसका जन्म हुआ. बाकायदा अलग-अलग जगहों और अलग-अलग तारीख के साथ उसका जन्म प्रमाण पत्र भी रांची नगर निगम ने बना दिया. इस अधिकारी के बेटे की जन्मतिथि और जन्म स्थान के फर्जीवाड़ा का खुलासा तब हुआ, जब पासपोर्ट कार्यालय और रांची नगर निगम के बीच पत्राचार हुआ. आश्चर्य की बात यह है कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के इस अधिकारी की पत्नी ने हर बार बेटे को घर में ही जन्म दिया.

नगर निगम ने जारी करने से 6 दिन पहले कर दिया बर्थ सर्टिफिकेट का सत्यापन

प्रभात खबर के वरिष्ठ पत्रकार शकील अख्तर की रिपोर्ट के मुताबिक, पासपोर्ट कार्यालय ने जब रांची नगर निगम (आरएमसी) को आईएएस अधिकारी के बेटे के जन्म प्रमाण पत्र भेजे, तो निगम ने दोनों ही बर्थ सर्टिफिकेट को सत्यापित कर दिया. इस क्रम में नगर निगम ने एक बर्थ सर्टिफिकेट को जारी करने से 6 दिन पहले उसकी सत्यता प्रमाणित कर दी. इसके बाद पासपोर्ट कार्यालय ने नगर निगम को पत्र लिखकर उन दस्तावेजों की मांग की, जिनके आधार पर पहले की जन्मतिथि में बदलाव किया गया.

आइएएस राजीव रंजन के बेटे के 3 बर्थ सर्टिफिकेट

  • रांची नगर निगम ने पहला बर्थ सर्टिफिकेट 16 सितंबर 2017 को जारी किया. इसमें जन्मतिथि 13 अक्टूबर 2013 और जन्म स्थान ऑफिसर्स कॉलोनी, ऑड्रे हाउस, गोंदा, रांची दर्ज है.
रांची नगर निगम से जारी 10 अक्टूबर 2013 का बर्थ सर्टिफिकेट.
  • निगम ने दूसरा बर्थ सर्टिफिकेट 11 जनवरी 2024 को जारी किया. इसमें जन्मतिथि 13 अक्टूबर 2015 और जन्मस्थान अशोक नगर, रोड नंबर-2, सी-2016, डोरंडा, रांची दर्ज है.
रांची नगर निगम से जारी 13 अक्टूबर 2015 का बर्थ सर्टिफिकेट.
  • तीसरे प्रमाण पत्र में जन्मतिथि 13 अक्टूबर 2017 दर्ज है. इसमें जन्म स्थान जी17 बी, सेल सिटी, न्यू पुंदाग, रांची लिखा है. तीसरा जन्म प्रमाण पत्र उस वक्त बना था, जब राजीव रंजन सांख्यिकी निदेशालय में निदेशक (जन्म-मृत्यु) के पद पर कार्यरत थे.
13 जनवरी 2017 का जारी बर्थ सर्टिफिकेट.

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ऐसे शुरू हुआ जन्म तिथि का विवाद

आईएएस अधिकारी राजीव रंजन के बेटे की जन्म तिथि का विवाद तब शुरू हुआ, जब उन्होंने पासपोर्ट में बेटे की जन्म तिथि बदले का आवेदन दिया. राजीव रंजन ने नगर निगम द्वारा जारी पहले जन्म प्रमाण (जन्म तिथि 13 अक्टूबर 2013) के आधार पर पासपोर्ट बनवाया. बाद में उन्होंने पासपोर्ट में अपने पुत्र की जन्म तिथि में सुधार करके 13 अक्टूबर 2013 की जगह 13 अक्टूबर 2015 करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू की. पासपोर्ट कार्यालय ने दोनों प्रमाण पत्रों के सिलसिले में रांची नगर निगम कार्यालय से पत्राचार शुरू किया. निगम द्वारा भेजे गये जवाब के बाद पासपोर्ट कार्यालय ने जनवरी 2024 में रांची नगर निगम को पत्र भेजकर कुछ बिंदुओं पर जानकारी और संबंधित दस्तावेज की मांग की.

पासपोर्ट कार्यालय और रांची नगर निगम के बीच हुए पत्राचार के बाद हुआ खुलासा.

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पासपोर्ट कार्यालय ने मामले को अत्यधिक गंभीर बताया

पासपोर्ट कार्यालय ने इस मामले को अत्यधिक गंभीर बताया है, क्योंकि मामला पासपोर्ट से संबंधित है. पासपोर्ट कार्यालय के पत्र में कहा गया है कि निगम ने दोनों ही प्रमाण पत्रों को सही करार दिया है. पासपोर्ट कार्यालय ने ‘जन्म-मृत्यु निबंधन अधिनियम 1969 की धारा-15’ में किये गये प्रावधान के आलोक में नगर निगम से उन दस्तावेजों की मांग की है, जिनके आधार पर पहले जारी किये गये प्रमाण पत्र में अंकित जन्मतिथि को गलत करार दिया गया. पासपोर्ट कार्यालय ने नगर निगम से यह भी जानना चाहा है कि जो प्रमाण पत्र 11 जनवरी 2024 को जारी किया गया था, उसे पांच जनवरी 2024 को कैसे सत्यापित किया गया?

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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