Ranchi news : होमगार्ड मुख्यालय करेगा आर्म्स गार्ड की प्रतिनियुक्ति

होमगार्ड मुख्यालय के डीआइजी अजय लिंडा ने समीक्षा बैठक की, दिये दिशा-निर्देश. डीआइजी ने कहा : प्रतिनियुक्त गृह रक्षकों की औचक जांच नहीं करते हैं जिला समादेष्टा.

रांची. होमगार्ड मुख्यालय के डीआइजी अजय लिंडा ने समीक्षा बैठक में कहा कि किसी भी जिले में प्रतिनियुक्त गृह रक्षकों की जांच जिला समादेष्टा नहीं करते हैं. इसलिए आर्म्स गार्ड की प्रतिनियुक्ति के संबंध में कोई भी आवेदन प्राप्त होने पर उससे संबंधित प्रतिवेदन जिला समादेष्टा होमगार्ड मुख्यालय को उपलब्ध करायें. इसके बाद आर्म्स गार्ड की प्रतिनियुक्ति व आर्म्स मुहैया कराने पर मुख्यालय के स्तर से लिया जायेगा.

डीआइजी ने कहा कि करेंसी चेस्ट में मौजूद गृह रक्षकों की बहुत शिकायतें मिल रही हैं. बहुत जवानों का टर्न आउट सही नहीं है. उन्होंने कहा कि इस संबंध में होमगार्ड डीजी एमएस भाटिया ने आदेश दिया है कि जिला समादेष्टा सभी गार्ड का औचक निरीक्षण कर रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय को भेजें. मासिक कार्य विवरणी में इस बात का जरूर उल्लेख करें कि आपलोगों ने कौन-कौन से गार्ड का निरीक्षण कब किया. विशेषकर आर्म्स गार्ड और करेंसी चेस्ट में प्रतिनियुक्त गार्ड का नियमित रूप से जांच करें. साथ ही यह भी ध्यान रखें कि किसी की आपातकालीन स्थिति होने पर सुरक्षा की क्या व्यवस्था है.

जवान के टर्न आउट पर कोताही न हो

जवान के टर्न आउट पर किसी तरह की कोताही नहीं करने को कहा गया. मुख्यालय स्तर से डीजी या डीआइजी कभी भी निरीक्षण कर सकते हैं. टर्न आउट और ड्यूटी के दौरान अनुशासनहीनता करने वाले जवानों को कार्य से अलग रखें. वहीं, वैसे जवानों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई कर रिपोर्ट मुख्यालय को दें. इसके अलावा जिलों के समादेष्टा निरीक्षण के दौरान स्थल और प्रतिनियुक्त जवानों का फोटो और वीडियो तैयार कर मुख्यालय को उपलब्ध करायें. डीआइजी ने कहा कि मैगजीन गार्ड रखने के लिए कई बड़े जिले हैं, जहां पूर्व से ही मैगजीन गार्ड का स्वीकृत बल है. लेकिन, मैगजीन गार्ड में कम से कम 02-08 की प्रतिनियुक्ति होनी चाहिए. हजारीबाग में 20, दुमका में 20 और रांची में 10 स्वीकृत पद है. साथ ही केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान धुर्वा में भी 10 स्वीकृत बल का पद बढ़ाने की आवश्यकता है.

स्वस्थ गृह रक्षकों को इमरजेंसी के लिए तैयार रखें

डीआइजी ने सभी समादेष्टाओं को निर्देश दिया कि वे अपने क्षेत्र में स्वस्थ पुरुष-महिला गृह रक्षकों को इमरजेंसी के मद्देनजर तैयार रखें. ताकि, जरूरत पड़ने पर उनको संबंधित स्थानों पर प्रतिनियुक्त किया जा सके. इसके अलावा रांची जिले में जवान उपलब्ध नहीं रहने की स्थिति में मांग के अनुरूप गृह रक्षक उपलब्ध कराये जायेंगे.

गृह रक्षकों को आर्म्स की ट्रेनिंग ज्यादा दें

गृह रक्षकों के लिए 34 दिनों का प्रशिक्षण आयोजित किया जाता है. इस संबंध में डीआइजी ने जिला समादेष्टाओं को निर्देश दिया है कि वे गृह रक्षकाें को उक्त अवधि में ज्यादा से ज्यादा हथियार चलाने की ट्रेनिंग दें.

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Published by: Rajiv kumar

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