झारखंड के 26,777 गैर-जीपी गांवों तक पहुंचेगा हाई स्पीड ब्रॉडबैंड

झारखंड सरकार ने भारतनेट फेज-III के तहत राज्य के 26,777 गैर-जीपी गांवों और पंचायतों में हाई स्पीड ब्रॉडबैंड और एफटीटीएच कनेक्शन देने का बड़ा फैसला लिया है।


High Speed Broadband: झारखंड में ग्रामीण और कम डिजिटल कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों तक हाई स्पीड ब्रॉडबैंड पहुंचाने की दिशा में राज्य सरकार ने कदम बढ़ाया है. गुरुवार को संशोधित भारतनेट कार्यक्रम यानी भारतनेट फेज-III के क्रियान्वयन के लिए प्रोजेक्ट इंप्लीमेंटेशन एंड सपोर्ट एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए. यह समझौता भारत सरकार के डिजिटल भारत निधि (डीबीएन) और झारखंड डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (जेडीआईसीएल) के बीच हुआ. भारत सरकार की ओर से डीबीएन के एडमिनिस्ट्रेटर श्यामल मिश्रा और झारखंड सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव पूजा सिंघल व निदेशक माधवी मिश्रा ने समझौते पर हस्ताक्षर किए.

260 प्रखंड और 4,395 पंचायत होंगे कवर

इस कार्यक्रम के तहत राज्य के 260 प्रखंडों, 4,395 ग्राम पंचायतों और 26,777 गैर-जीपी गांवों तक ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी का विस्तार किया जायेगा. इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में विश्वसनीय एवं हाइ स्पीड इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराना है. कार्यक्रम के तहत 4,387 मौजूदा ग्राम पंचायतों को रिंग टोपोलॉजी में अपग्रेड किया जायेगा और आठ नये ग्राम पंचायतों को रिंग टोपोलॉजी के माध्यम से जोड़ा जायेगा.

पांच साल में 4.39 लाख एफटीटीएच कनेक्शन

भारतनेट कार्यक्रम के तहत अगले पांच वर्षों में 4,39,049 फाइबर टू द होम (एफटीटीएच) कनेक्शन उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है. ग्राम पंचायतों और गैर-जीपी गांवों में मांग के आधार पर हाइ स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी का विस्तार किया जायेगा. नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने के लिए मिडिल-माइल इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण और उन्नयन किया जाएगा. इसके अलावा झारखंड में स्टेट नेटवर्क ऑपरेशंस सेंटर (एसएनओसी) की स्थापना की जाएगी. कार्यक्रम के क्रियान्वयन में बीएसएनएल की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी. बीएसएनएल व जेडीआइसीएल को प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी (पीएमसी) सहायता उपलब्ध करायेगा.

ई-गवर्नेंस, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा लाभ

भारतनेट के विस्तार से ग्रामीण परिवारों के साथ सरकारी संस्थानों को भी हाइ स्पीड इंटरनेट से जोड़ा जा सकेगा. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में ई-गवर्नेंस, ऑनलाइन शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य डिजिटल सुविधाओं तक पहुंच बेहतर होने की उम्मीद है. मजबूत डिजिटल नेटवर्क से सरकारी संस्थानों और ग्रामीण समुदायों को डिजिटल प्लेटफॉर्म का अधिक प्रभावी तरीके से इस्तेमाल करने में मदद मिलेगी. इससे नागरिक-केंद्रित सरकारी सेवाओं की पहुंच भी बेहतर होगी.

केंद्र और राज्य के सहयोग से होगा क्रियान्वयन

संशोधित भारतनेट कार्यक्रम को केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से लागू किया जा रहा है. राज्य सरकार के अनुसार कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए भारत सरकार और संबंधित कार्यान्वयन एजेंसियों के साथ समन्वय किया जा रहा है. इसका मुख्य उद्देश्य राज्य के ग्रामीण और कम सेवा प्राप्त क्षेत्रों तक डिजिटल कनेक्टिविटी का लाभ पहुंचाना है.

खास बातें

  • 260 प्रखंड भारतनेट के दायरे में आयेंगे.
  • 4,395 ग्राम पंचायत और 26,777 गैर-जीपी गांव कवर होंगे.
  • 4,39,049 एफटीटीएच कनेक्शन पांच वर्षों में कवर का लक्ष्य
  • 4,387 पंचायतों को रिंग टोपोलॉजी में अपग्रेड किया जाएगा.
  • आठ नई पंचायतें रिंग टोपोलॉजी से जुड़ेंगी.
  • एसएनओसी की स्थापना होगी.
  • बीएसएनएल जेडीआईसीएल को पीएमसी सहायता देगा.

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लेखक के बारे में

By Sunil choudhary

25 वर्षों से पत्रकारिता कर रहा हूँ.हार्ड न्यूज़ से राजनीतिक खबर करता रहा हूँ.वर्तमान में मुख्यमंत्री, पावर,इंडस्ट्रीज, माइंस संबंधित मामलों पर रिपोर्ट करता हूँ. बीबीसी,पैनोस और झारखंड सरकार से फेलोशिप ले चुका हूँ।कई बार अवार्ड ले चुका हूँ.
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