Ranchi news :रांची के सरकारी बस डिपो के जर्जर भवनों पर हाइकोर्ट गंभीर, लिया स्वत: संज्ञान

मामले में हाइकोर्ट ने राज्य सरकार को जवाब दायर करने का दिया निर्देश

मामले में हाइकोर्ट ने राज्य सरकार को जवाब दायर करने का दिया निर्देश रांची. झारखंड हाइकोर्ट ने सरकारी बस डिपो परिसर में अवस्थित जर्जर भवनों को गंभीरता से लिया है. चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चाैहान व जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने स्वत: संज्ञान मामले को जनहित याचिका में तब्दील कर दिया है. खंडपीठ ने जर्जर भवनों के मामले को गंभीर माना. इस पर राज्य सरकार को विस्तृत जवाब दायर करने का निर्देश दिया. उल्लेखनीय रेलवे स्टेशन के पास सरकारी बस डिपो है. उसके परिसर में कई भवन बने हुए हैं. परिसर में कीचड़ है. उसमें बसें खड़ी रहती हैं. यात्रियों को बस से उतरने व सवार होने में काफी परेशानी होती है. परिसर के अंदर भवनों की स्थिति काफी दयनीय हो गयी है. कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. मीडिया में प्रकाशित खबर को झारखंड हाइकोर्ट ने गंभीरता से लेते हुए उसे जनहित याचिका में तब्दील कर दिया. तीन अन्य मामलों में लिया संज्ञान झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चाैहान व जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने बुधवार को जनहित से जुड़े तीन अनय मामलों में संज्ञान लिया है. मीडिया रिपोर्ट में प्रकाशित खबरों पर संज्ञान लेते हुए संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है. रांची पोस्ट ऑफिस में नये साफ्टवेयर 2.0 के अपग्रेड होने के 25 दिनों बाद भी सही तरीके से काम नहीं कर रहा है. इससे लोग परेशान हैं. रजिस्ट्री व स्पीड पोस्ट करनेवालों की परेशानी कम नहीं हो रही है. इस पर खंडपीठ ने संज्ञान लेते हुए मामले में केंद्र सरकार को पक्ष रखने का निर्देश दिया. रांची स्टेशन पर एस्केलेटर के खराब रहने का मामला रांची रेलवे स्टेशन के एस्केलेटर के खराब होने तथा यहां का वाई-फाई कमजोर रहने से परेशानी हो रही है. अखबारों में प्रकाशित खबर को खंडपीठ ने गंभीरता से लेते हुए उसे जनहित याचिका में तब्दील करने का निर्देश दिया. महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज में एंबुलेंस की आवाजाही में परेशानी महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एमजीएम) जमशेदपुर के पास सड़क पर अतिक्रमण से एंबुलेंस की आवाजाही में परेशानी हो रही है. इस पर अखबारों में छपी खबर को झारखंड हाइकोर्ट ने गंभीरता से लिया है. बताया जाता है कि हॉस्पिटल के पास मुख्य सड़क पर अतिक्रमण होने से कैंपस में एंबुलेंस के जाने में कठिनाई हो रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Deepesh kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >