रांची के राज अस्पताल पर CM का हंटर: पैर फ्रैक्चर में मौत और 22 लाख बिल के आरोप पर बैठी हाई लेवल जांच

Hemant Soren: रांची के राज अस्पताल में पैर फ्रैक्चर मरीज की मौत और 22 लाख रुपये बिल वसूलने के मामले में सीएम हेमंत सोरेन के निर्देश पर मनीषा तिर्की की टीम ने जांच शुरू की. पढ़ें, क्या है पूरा मामला.

रांची से सुनील चौधरी की रिपोर्ट

Hemant Soren, रांची : राजधानी रांची के मुख्य मार्ग पर स्थित प्रतिष्ठित राज अस्पताल (Raj Hospital) में एक मरीज की मौत और इलाज के नाम पर भारी-भरकम बिल वसूलने का मामला अब पूरी तरह गरमा गया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के कड़े रुख और त्वरित निर्देश के बाद जिला प्रशासन की एक उच्चस्तरीय जांच टीम शनिवार को अस्पताल पहुंची. जांच टीम का नेतृत्व परियोजना पदाधिकारी मनीषा तिर्की कर रही हैं, जिनके साथ अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हैं. प्रशासनिक टीम के अचानक राज अस्पताल पहुंचते ही अस्पताल प्रबंधन और कर्मियों के बीच हड़कंप मच गया. अधिकारियों ने अस्पताल के रिकॉर्ड खंगालने शुरू कर दिए हैं और इलाज से जुड़े सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त कर लिए हैं.

इलाज के नाम पर 22 लाख वसूलने का आरोप

सोशल मीडिया पर वायरल हुई खबरों और परिवार के आरोपों के अनुसार, एक मरीज को पैर में फ्रैक्चर होने के बाद इलाज के लिए राज अस्पताल में भर्ती कराया गया था. मरीज के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में भर्ती किए जाने के बाद दो-से-तीन दिनों तक मरीज की उचित ड्रेसिंग नहीं की गई. समय पर साफ-सफाई और सही इलाज न मिलने के कारण घाव में भयंकर संक्रमण (Infection) फैल गया, जो धीरे-धीरे पूरे शरीर में पहुंच गया. परिजनों का यह भी आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने इलाज और आईसीयू के नाम पर उनसे करीब 22 लाख रुपये का भारी-भरकम बिल वसूल लिया. इतनी बड़ी रकम ऐंठने के बावजूद मरीज की जान नहीं बचाई जा सकी और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी.

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सीएम हेमंत सोरेन ने दिया जांच का आदेश

इस बेहद संवेदनशील मामले की भनक जैसे ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लगी, उन्होंने तुरंत अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए रांची के उपायुक्त (DC) को ऑन-स्पॉट जांच के आदेश दिए. मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में लिखा “रांची डीसी तत्काल संज्ञान ले मामले की पूरी जांच करें. दोषी पाए जाने पर सभी दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए मुझे सूचना दें.”

रिपोर्ट के आधार पर सील हो सकता है अस्पताल

मुख्यमंत्री का निर्देश मिलते ही रांची जिला प्रशासन एक्शन मोड में आ गया और बिना वक्त गंवाए मनीषा तिर्की की अगुवाई में टीम जांच के लिए राज अस्पताल की ओपीडी और प्रशासनिक ब्लॉक में दाखिल हो गई. जांच टीम वर्तमान में अस्पताल प्रबंधन, मरीज का इलाज करने वाले संबंधित डॉक्टरों (चिकित्सकों) और ड्यूटी पर तैनात स्टाफ से गहन पूछताछ कर रही है. प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि मरीज की केस हिस्ट्री, बिलिंग डिटेल्स और सीसीटीवी फुटेज की भी पड़ताल की जा रही है. यदि जांच में जरा सी भी लापरवाही, मेडिकल नेग्लिजेंस या वित्तीय अनियमितता (ज्यादा बिलिंग) का मामला सामने आता है, तो दोषियों के खिलाफ नियमानुसार एफआईआर दर्ज कर बेहद कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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