Hemant Soren, रांची: विकास कार्यों में पंचायतें पहली कड़ी हैं. ऐसे में ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाकर अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाई जाए. ये बातें सीएम हेमंत सोरेन ने झारखंड मंत्रालय में बुधवार को ग्रामीण विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान कहीं. उन्होंने अधिकारियों को आवास योजना का लाभ पहुंचाने, महिलाओं को स्वावलंबी बनाने और गांवों के विकास को फोकस करके काम करने का निर्देश दिया. बैठक में ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह भी मौजूद रहीं.
अबुआ और पीएम आवास योजना में तेजी लाने का निर्देश
सीएम ने अबुआ आवास योजना, पीएम आवास योजना (ग्रामीण) और अंबेडकर आवास योजना की कार्यों में तेजी लाने को कहा. उन्होंने कहा कि जेएसएलपीएस के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों की संख्या बढ़ायी जाये. विभाग उनकी मदद करे. महिला समूह केवल खेती नहीं, बल्कि सोलर पावर के उत्पादन पर काम कर आत्मनिर्भर बनें. बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव मनोज कुमार, मनरेगा आयुक्त मृत्युंजय कुमार वर्णवाल और सीइओ जेएसएलपीएस अनन्य मित्तल सहित अन्य अफसर मौजूद थे.
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सखी मंडलों को 5000 करोड़ ऋण देने का लक्ष्य
सीएम ने कहा कि जेएसएलपीएस से 5000 नये सखी मंडल के गठन की प्रक्रिया जारी है. इससे 60 हजार परिवारों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है. सभी सखी मंडलों को बैंक से 5000 करोड़ रुपये का ऋण देने का लक्ष्य है. विभाग द्वारा ढाई लाख नयी महिलाओं को आजीविका की विभिन्न गतिविधियों से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है. सीएम ने उनके उत्पादों के बाजार के लिए डीपीएम और बीपीएम को जिम्मेदारी सौंपने के लिए कहा. श्री सोरेन ने कहा कि महिला एसएचजी के उत्पादित वस्तुओं को बेहतर बाजार देने के लिए दूसरे राज्यों में भी पलाश मार्ट जैसे केंद्र हों. इसकी योजना बने. राज्य के मुख्य पर्यटन स्थलों में भी ये स्थापित किये जायें. कांके रोड में पलाश मार्ट भवन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है. इस वर्ष और छह पलाश मार्ट बनेंगे. फिर सभी जिलों में पलाश मार्ट भवन बनाने का लक्ष्य है.
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