अब झारखंड विधानसभा चुनाव होगा दमदार, हेमंत सोरेन के जेल से बाहर आने के बाद हो सकते हैं ये 5 बड़े बदलाव

Hemant Soren Bail News: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को राहत मिल गई है. उनके जेल से बाहर आने के बाद झारखंड की राजनीति पर क्या असर पड़ सका है जानें यहां

Hemant Soren Bail News: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लिए शुक्रवार को राहत भरी खबर आई. झारखंड हाईकोर्ट ने जमीन घोटाला मामले में जेल में बंद हेमंत सोरेन को जमानत दे दी. 50 हजार के मुचलके पर उन्हें जमानत दी गई है. आज की इस बड़ी खबर का झारखंड की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है आइए जानते हैं…

  1. इस साल के अंत तक झारखंड में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. ऐसे में हेमंत सोरेन के जेल से बाहर आने से कार्यकर्ताओं को नई ऊर्जा मिलेगी. अपने नेता के जेल से बाहर आने के बाद वे एक संदेश देने का प्रयास करेंगे कि हेमंत सोरेन को गलत तरीके से फंसाया गया है, जैसा वे हमेशा से कहते नजर आते रहे हैं.
  2. लोकसभा चुनाव के दौरान हेमंत सोरेन की कमी साफ महसूस की गई. हालांकि उनकी पत्नी कल्पना सोरेन ने मोर्चा संभाला था और पांच सीट गठबंधन के खाते में आई. अब देखना होगा कि गठबंधन और सरकार का पावर सेंटर कौन होता है?
  3. झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के जेल से बाहर आने के बाद दिल्ली के साथ बातचीत करने में आसानी होगी. झारखंड में जेएमएम, कांग्रेस और राजद की मिली जुली सरकार है, साथ ही आने वाले विधानसभा चुनाव में सीट शेयरिंग को लेकर भी वे जेएमएम को मजबूती दे सकते हैं.

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  4. पहले जेल में हेमंत सोरेन नेताओं से बात करके संगठन और झारखंड की राजनीति के बारे में जानकारी लेते थे. अब वे जब जेल से बाहर आ जाएंगे तो प्रदेश में घूमकर जमीनी हकीकत से रु-ब-रु होंगे. हालात के बारे में जानकारी लेकर वे विधानसभा चुनाव की रणनीति तैयार कर सकेंगे.
  5. ऐसी संभावना व्यक्त की जा रही है कि सरकार और पार्टी का स्ट्रेक्चर नहीं बदलेगा. ऐसा इसलिए क्योंकि उन्हें अभी केवल जमानत मिली है.

31 जनवरी को ईडी ने लंबी पूछताछ के बाद हेमंत सोरेन को गिरफ्तार किया था

हेमंत सोरेन को जमानत मिलने की खबर सुनते ही झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ पड़ी. हेमंत सोरेन को 31 जनवरी 2024 को जांच एजेंसी ईडी ने लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया था. गिरफ्तारी से पहले उन्होंने मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद प्रदेश की कमान चंपाई सोरेन के हाथों में दी गई.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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