रांची. एचइसी प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों के इलाज के लिए मिलने वाले मेडिकल एडवांस का प्रावधान समाप्त किये जाने से कर्मचारियों में नाराजगी है. पहले बीमारी की स्थिति में इलाज के लिए प्रबंधन की ओर से एडवांस राशि उपलब्ध करायी जाती थी, लेकिन अब यह सुविधा बंद कर दी गयी है.
आइसीयू में भर्ती पत्नी के इलाज के लिए मांगा था एडवांस
एचएमवीपी के कर्मचारी प्रकाश चंद्र (कार्मिक संख्या 82763) ने मेडिकल एडवांस के लिए आवेदन दिया था. उनकी पत्नी पूजा कुमारी छह सितंबर से पारस अस्पताल के आइसीयू में भर्ती हैं. अस्पताल की ओर से इलाज के लिए करीब पांच लाख रुपये का एस्टीमेट दिया गया है. पर्याप्त राशि नहीं होने पर प्रकाश चंद्र ने नियमानुसार मेडिकल एडवांस की मांग की थी.
यूनियन ने प्रबंधन से की मुलाकात
मामले को लेकर हटिया कामगार यूनियन का प्रतिनिधिमंडल निदेशक कार्मिक, निदेशक वित्त और निदेशक उत्पादन से मिला. यूनियन के अनुसार, निदेशक वित्त ने मेडिकल एडवांस की राशि देने से इनकार कर दिया. इससे यूनियन ने नाराजगी जतायी. यूनियन ने आरोप लगाया कि एचइसी प्रबंधन कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाएं एक-एक कर बंद कर रहा है.
12 सितंबर को मुख्यालय के सामने प्रदर्शन
यूनियन ने शुक्रवार को बैठक कर निर्णय लिया कि 12 सितंबर की दोपहर एक बजे एचइसी मुख्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया जायेगा. प्रतिनिधिमंडल में लालदेव सिंह, राजकुमार शाही और एमपी रामचंद्रन शामिल थे. यूनियन ने प्रबंधन से औद्योगिक शांति भंग होने से रोकने की अपील की है. साथ ही कहा कि मरीज के साथ किसी तरह की अनहोनी होने पर इसकी जवाबदेही प्रबंधन, विशेषकर निदेशक वित्त की होगी. यूनियन ने कर्मचारियों से प्रदर्शन में अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है.
