Ranchi news : लातेहार सिविल कोर्ट घेराव मामले में जनहित याचिका पर सुनवाई
अगली सुनवाई में अनुसंधान की अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश
: सरकार ने दायर किया जवाब, कहा अनुसंधान जारी है
: मामले की अगली सुनवाई अब 25 सितंबर को होगी
रांची. झारखंड हाइकोर्ट ने टाना भगतों द्वारा अक्तूबर 2022 में लातेहार सिविल कोर्ट के घेराव मामले में स्वत: संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका पर सुनवाई की. चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चाैहान व जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के दाैरान राज्य सरकार के जवाब को देखा. इसके बाद खंडपीठ ने सरकार को अगली सुनवाई के पूर्व अनुसंधान की स्टेटस रिपोर्ट दायर करने को कहा. अगली सुनवाई के लिए खंडपीठ ने 25 सितंबर की तिथि निर्धारित की. इससे पूर्व राज्य सरकार की ओर से जवाब दायर किया गया. अधिवक्ता पीयूष चित्रेश ने खंडपीठ को बताया कि मामले में 40 लोगों के खिलाफ पुलिस ने जांच पूरी कर ली है. 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ अनुसंधान जारी है. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने सरकार से पूछा था कि भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृति नहीं हो सके, उसके लिये क्या कदम उठाये गये है. शपथ पत्र के माध्यम से कोर्ट को अवगत कराने को कहा गया था. उल्लेखनीय है कि हाइकोर्ट ने सिविल कोर्ट घेराव को लेकर मीडिया में प्रकाशित खबर को झारखंड हाइकोर्ट ने गंभीरता से लेते हुए उसे जनहित याचिका में तब्दील कर दिया था. अक्तूबर 2022 में अखिल भारतीय टाना भगत संघ के तत्वावधान में टाना भगतों ने पांचवी अनुसूची के तहत कोर्ट-कचहरी बंद करने की मांग को लेकर लातेहार सिविल कोर्ट का घेराव किया था. टाना भगतों की ओर से किये गये पथराव में तत्कालीन लातेहार सदर थाना प्रभारी अमित कुमार गुप्ता सहित पांच पुलिसकर्मी घायल हो गये थे. उग्र प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस व वॉटर कैनन का भी प्रयोग करना पड़ा था. टाना भगतों ने पुलिस की पीसीआर वैन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया था. पुलिस ने लाठी चार्ज भी किया था.
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