रांची. हटिया ग्रिड में 25 साल पुराना 50 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफॉर्मर खराब हो गया है. आठ सितंबर से इसमें समस्या आनी शुरू हो गयी थी. अब इसे डिफेक्ट घोषित कर दिया गया है. इस ट्रांसफॉर्मर से 30 से 40 मेगावाट बिजली रातू, तुपुदाना, रातू रोड, कांके और पहाड़ी मंदिर इलाकों में दी जाती थी. ट्रांसफॉर्मर खराब होने से कई दिनों तक इन इलाकों में बिजली प्रभावित रही. किसी तरह लोड इधर से उधर करके बिजली दी जा रही थी.
अब नयी व्यवस्था के तहत लोड को वितरित कर दिया गया है. रातू क्षेत्र का आठ से 10 मेगावाट लोड बुढ़मू ग्रिड से जोड़ा गया है. तुपुदाना और हटिया क्षेत्र का 15 मेगावाट लोड रांची स्मार्ट सिटी ग्रिड से जोड़ा गया है. राजभवन सब स्टेशन का 15 मेगावाट लोड कांके ग्रिड से जोड़ा गया है.
10 साल पहले मियाद खत्म, खराब होने पर जागा निगम
हटिया ग्रिड में 50 एमवीए क्षमता वाले पावर ट्रांसफॉर्मर की आयु 15 वर्ष थी. इसके बीतने के 10 साल बाद निगम सक्रिय हुआ है. सवाल उठ रहा है कि जब इसकी आयु 2016 में ही समाप्त हो गयी थी, तब इसे बदलने का प्रयास क्यों नहीं किया गया. नियमानुसार उसी समय नया ट्रांसफॉर्मर लगाया जाना चाहिए था. अब जब ट्रांसफॉर्मर पूरी तरह खराब हो गया है, तब निगम नया ट्रांसफॉर्मर खरीदने जा रहा है.
10 से 15 दिनों में लग जायेगा नया ट्रांसफॉर्मर
पुराने ट्रांसफॉर्मर की जगह 80 एमवीए का नया पावर ट्रांसफॉर्मर लगाया जायेगा. कैबिनेट से इसकी मंजूरी मिल गयी है. अधिकारियों का दल निरीक्षण भी कर चुका है. 10 से 15 दिनों में नया ट्रांसफॉर्मर लग जायेगा.
पुराने ट्रांसफॉर्मर की रिपेयरिंग के लिए झारखंड ऊर्जा संचरण निगम ने बिड निकाला है. वर्ष 2001 में इसे स्थापित किया गया था. इसकी आयु 15 वर्ष थी, पर यह 25 वर्ष तक चला. तब करीब दो करोड़ की लागत से एमको कंपनी से यह ट्रांसफॉर्मर खरीदा गया था. कंपनी अब ट्रांसफॉर्मर बनाने का काम बंद कर चुकी है. इसलिए निगम ने बिड जारी किया है, ताकि कोई बेहतर कंपनी इसे रिपेयर कर स्पेयर के रूप में तैयार कर सके.
क्या कहते हैं अधिकारी
केके वर्मा, एमडी, झारखंड ऊर्जा संचरण निगम लिमिटेड ने कहा, "25 वर्ष पुराना ट्रांसफॉर्मर था, जिसकी आयु 10 वर्ष पहले ही समाप्त हो चुकी थी. अब इसकी जगह 80 एमवीए का नया पावर ट्रांसफॉर्मर लगाया जा रहा है. इससे हटिया ग्रिड की क्षमता बढ़ जायेगी. पुराने ट्रांसफॉर्मर से 40 मेगावाट तक बिजली मिलती थी, नये ट्रांसफॉर्मर से 60 से 70 मेगावाट तक आपूर्ति होगी. अगले 10 से 15 दिनों में नया ट्रांसफॉर्मर लग जायेगा. फिलहाल लोड दूसरे ग्रिडों से जोड़ा गया है. अभी कहीं भी बिजली की समस्या नहीं है."
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