SIR को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मिले महागठबंधन के नेता, भाजपा के बीएलए व कार्यकर्ताओं पर पहले से भरे फॉर्म-7 रखने का लगाया आरोप
रांची: झारखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को लेकर महागठबंधन के नेताओं ने सवाल उठाये हैं. गुरुवार को महागठबंधन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा. प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि गढ़वा, गोड्डा और चतरा समेत कुछ जिलों में भाजपा के बूथ लेवल एजेंट (BLA) और कार्यकर्ताओं के पास पहले से भरे हुए फॉर्म-7 मिले हैं.
महागठबंधन नेताओं का आरोप है कि फॉर्म-7 का इस्तेमाल वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए किया जा सकता है. उन्होंने इसे निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन बताते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की.
छह सूत्री मांगों के साथ सौंपा ज्ञापन
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के समक्ष छह सूत्री मांग पत्र रखा. इसमें गढ़वा, गोड्डा और चतरा में सामने आये मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गयी.
महागठबंधन नेताओं ने कथित रूप से जिम्मेदार भाजपा कार्यकर्ताओं और बीएलए के खिलाफ कानूनी एवं दंडात्मक कार्रवाई की मांग की. साथ ही सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से संचालित करने का निर्देश देने की मांग की गयी.
फॉर्म-7 के आधार पर नाम हटाने की प्रक्रिया रोकने की मांग
महागठबंधन ने मांग की कि जिन जिलों में फॉर्म-7 को लेकर ऐसे मामले सामने आये हैं, वहां इन प्रपत्रों के आधार पर मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया को तत्काल रोका जाये.
प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में किसी भी वैध मतदाता का नाम गलत तरीके से नहीं हटना चाहिए. इसके लिए शिकायतों की निष्पक्ष जांच और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है.
प्रतिनिधिमंडल में ये नेता रहे शामिल
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में झामुमो महासचिव विनोद कुमार पांडेय, विधायक विकास मुंडा, विधायक एमटी राजा, विधायक सुदीप गुड़िया, कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर, राजद नेता मनोज पांडेय, आबिद अली और माले नेता हलधर महतो शामिल थे.
