रांची. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि भ्रष्टाचार और गड़बड़ियों को छुपाने के लिए राज्य सरकार संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है. राज्य में लोकायुक्त, महिला आयोग, सूचना आयोग, उपभोक्ता फोरम आदि में वर्षों से अध्यक्ष-सदस्य के पद खाली हैं. श्री मरांडी शुक्रवार को पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बात कर रहे थे. उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाएं राज्य सरकार के कामकाज, गड़बड़ियों व भ्रष्टाचार पर नजर रखती हैं. जनता की शिकायतों पर सुनवाई और कार्रवाई करती है. राज्य सरकार पहले नेता प्रतिपक्ष नहीं होने का बहाना बनाती थी. सच्चाई यह है कि भाजपा ने समय पर नेता चुनकर दिया है. पिछले टर्म में दो बार नेता का चयन किया गया, लेकिन परिणाम शून्य रहा. आज विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष है, लेकिन हेमंत सरकार की नीयत साफ नहीं है. यह सरकार अपनी नाकामियों, विफलताओं व भ्रष्टाचार को उजागर नहीं होने देना चाहती है.
महिला आयोग में 5000 से अधिक मामले लंबित
उन्होंने कहा कि सूचना आयुक्त का पद खाली है. महिला आयोग में 2020 से ही अध्यक्ष और सदस्य का पद खाली है. आयोग में 5000 से अधिक मामले लंबित हैं. महिलाओं को न्याय नहीं मिल रहा. यहां कर्मचारियों को वेतन तक नहीं मिल रहा. एक सफाई कर्मी की मौत भी हो चुकी है. उपभोक्ता फोरम में दर्जन भर जिले अध्यक्ष और सदस्य विहीन हैं. श्री मरांडी ने कहा कि लोकायुक्त के नहीं रहने से न तो कोई शिकायत दर्ज हो रही और न कोई भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई हो रही है. हाइकोर्ट के निर्देश के बावजूद इन पदों को नहीं भरा जा रहा है. मौके पर मीडिया प्रभारी शिव पूजन पाठक और प्रवक्ता प्रदीप सिन्हा भी मौजूद थे.
…अब तो मुझे घूमने में भी डर लगता है
श्री मरांडी ने कहा कि राज्य में डीजीपी अवैध रूप से काम कर रहे हैं. अब तो इनको सस्पेंशन का भी डर नहीं है. अब तो हमको घूमने-फिरने में भी डर लगता है. पता नहीं कब कहां हमला हो जाये. कौन जवाबदेह होगा. मुख्यमंत्री को इसे देखना चाहिए.
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