राजस्व बढ़ाने के लिए कठोर फैसले ले सकती है सरकार

झारखंड प्रदेश कांग्रेस राहत निगरानी समिति की बैठक मंगलवार को कांग्रेस भवन में हुई. बैठक की अध्यक्षता करते हुए डाॅ रामेश्वर उरांव ने कहा कि यदि कोरोना महामारी के दौरान मनरेगा और खाद्य सुरक्षा कानून लागू नहीं होता, तो आज कितनी विकट स्थिति उत्पन्न होती

By Prabhat Khabar Print Desk | June 10, 2020 1:28 AM

रांची : झारखंड प्रदेश कांग्रेस राहत निगरानी समिति की बैठक मंगलवार को कांग्रेस भवन में हुई. बैठक की अध्यक्षता करते हुए डाॅ रामेश्वर उरांव ने कहा कि यदि कोरोना महामारी के दौरान मनरेगा और खाद्य सुरक्षा कानून लागू नहीं होता, तो आज कितनी विकट स्थिति उत्पन्न होती. उन्होंने कहा कि दोनों ही योजनाएं आज देशवासियों के लिए वरदान साबित हुई है.

यूपीए शासन में शुरू इन दोनों योजनाओं की सराहना पूरी दुनिया ने की. इन्हीं दोनों योजनाओं से जब पूरी दुनिया आर्थिक मंदी की चपेट में थी, भारत ने अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाये रखने में सफलता हासिल की.

डाॅ उरांव ने कहा कि सोनिया गांधी की दूरदर्शी सोच का ही यह परिणाम है कि आपातकाल के इस संकट में खाद्य सुरक्षा कानून तथा मनरेगा इस देश को जीवंत रखा. वित्त मंत्री डाॅ उरांव ने कहा कि संकट के इस दौर में राज्य सरकार द्वारा राजस्व बढ़ाने को लेकर प्रोफेशनल्स टैक्स और अन्य मामलों में कई कठोर फैसले लिये जा सकते हैं.

कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने बताया कि मनरेगा और खाद्य सुरक्षा कानून से कोरोना आपातकाल में बड़ी राहत मिली है. आज हर ओर पलायन की स्थिति है और राशन उपलब्ध कराये जाने की जरूरत है, ऐसी स्थिति में झारखंड सरकार इन दोनों योजनाओं की मदद से लोगों को लगातार सहायता उपलब्ध कराने में जुटी है.

posted by : Pritish Sahay

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