दुर्गा पूजा-दिवाली से पहले पारा शिक्षकों को मिलेगी खुशखबरी! हेमंत सोरेन सरकार 2000 रुपए मानदेय बढ़ाने को तैयार

Good News: झारखंड के पारा शिक्षकों को हेमंत सोरेन की सरकार दुर्गा पूजा और दिवाली से पहले सौगात दे सकती है. उनके मानदेय में वृद्धि के लिए सरकार तैयार है.

Good News for Para Teachers: झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार राज्य सहायक अध्यापक (पारा शिक्षक) के मानदेय 2000 रुपये की बढ़ोतरी को तैयार है. वहीं, शिक्षक वेतनमान के समतुल्य मानदेय की मांग कर रहे हैं. शिक्षक 2000 रुपये मानदेय बढ़ोतरी पर मानने को तैयार नहीं है.

10 हजार रुपए बढ़ाने की मांग कर रहे हैं पारा शिक्षक

पारा शिक्षकों की मांगों को लेकर शिक्षा मंत्री बैद्यनाथ राम के साथ झारखंड एकीकृत सहायक अध्यापक संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधियों की वार्ता हुई. शिक्षक वेतनमान के समतुल्य मानदेय के लिए 10 हजार बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे.

शिक्षा मंत्री ने 2000 रुपए बढ़ाने का दिया प्रस्ताव

शिक्षा मंत्री मानदेय में 2000 रुपये की बढ़ोतरी का प्रस्ताव प्रतिनिधिमंडल को दिया, पर पारा शिक्षक तैयार नहीं हुए. झारखंड के शिक्षा मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को फिर वार्ता के लिए आमंत्रित किया है. पिछली बैठक में विधायक नमन विक्सल कोनगाड़ी, सुदिव्य कुमार सोनू, विभाग के प्रभारी सचिव उमाशंकर सिंह, परियोजना निदेशक आदित्य रंजन व अन्य शामिल थे.

शर्त में बदलाव के लिए सरकार तैयार

सरकार पारा शिक्षक के आश्रित को अनुकंपा पर नौकरी देने के शर्त में बदलाव को भी तैयार हैं. शिक्षक के पद पर नियुक्ति की योग्यता रखने वाले परिजन को सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्त किया जायेगा. अन्य लोगों को योग्यता के अनुरूप संविदा पर नियुक्ति की जायेगी.

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शिक्षकों की क्या हैं मांगें?

पारा शिक्षकों की मांग है कि उन्हें शिक्षक के समकक्ष वेतनमान दिया जाए. इन्होंने 10 हजार रुपए बढ़ाने की मांग की है.

पारा शिक्षकों की मांग पर कब होगा विचार?

पारा शिक्षकों के संघ की शिक्षा मंत्री के साथ एक बैठक हो चुकी है. जल्द ही दूसरे दौर की वार्ता होगी. इसमें कोई सकारात्मक पहल होने की उम्मीद है.

झारखंड के पारा शिक्षकों की किन मांगों पर विचार करेगी सरकार

शिक्षा मंत्री ने आश्वासन दिया है कि पारा शिक्षकों की मांगों पर विचार होगा. शहरी क्षेत्र के स्कूलों में कार्यरत पारा शिक्षकों के मानदेय में बढ़ोतरी का प्रस्ताव कैबिनेट में भेजा जाएगा.

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By Mithilesh Jha

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