रांची में गोवा-झारखंड के 80 से अधिक कलाकारों का सांस्कृतिक मेला, विरासत की प्रस्तुति

Goa-Jharkhand Cultural Programme: ईस्टर्न जोनल कल्चरल सेंटर (ईजेडसीसी) की ओर से रांची में एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होगा, जिसमें झारखंड और गोवा के कलाकार अपनी-अपनी संस्कृति की प्रस्तुति देंगे. आयोजकों का कहना है कि इस आयोजन का उद्देश्य स्थानीय कला को राष्ट्रीय मंच पर लाने का प्रयास है.

Goa-Jharkhand Cultural Programme: झारखंड की राजधानी रांची में सोमवार 8 सितंबर 2025 को एक भव्य सांस्कृतिक आयोजन की शुरुआत हो रही है, जहां गोवा और झारखंड के 80 से अधिक प्रतिभाशाली कलाकार एक मंच पर अपनी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं, पारंपरिक कला रूपों और लोक नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुति देंगे. इस अनोखे कार्यक्रम की जानकारी अधिकारियों ने रविवार को साझा की.

Goa-Jharkhand Cultural Programme: पश्चिम बंगाल के राज्यपाल करेंगे उद्घाटन

ईस्टर्न जोनल कल्चरल सेंटर (ईजेडसीसी) के तत्वावधान में आयोजित इस समारोह का उद्घाटन सोमवार को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल और ईजेडसीसी के अध्यक्ष सीवी आनंद बोस करेंगे. यह आयोजन रांची के खेलगांव स्थित राज्य संग्रहालय सभागार में शाम 5 बजे से शुरू होगा और रात 9 बजे तक चलेगा.

‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की थीम पर होगा कार्यक्रम

अधिकारियों ने बताया कि ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की थीम पर आधारित यह कार्यक्रम दोनों राज्यों के बीच सांस्कृतिक संवाद और एकता को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है. इसमें झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार भी शामिल होंगे. ईजेडसीसी के निदेशक आशीष कुमार गिरि ने बताया कि इस आयोजन में गोवा और झारखंड के 80 से अधिक कलाकार भाग लेंगे. दोनों राज्यों के कलाकार अपनी-अपनी परंपराओं का प्रदर्शन करेंगे.

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स्थानीय कला को राष्ट्रीय मंच पर लाने का प्रयास

उन्होंने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य दोनों राज्यों की सांस्कृतिक विविधता को सामने लाना और आपसी सौहार्द को बढ़ावा देना है. यह आयोजन झारखंड सरकार के पर्यटन एवं कला विभाग के सहयोग से हो रहा है, जो स्थानीय कला को राष्ट्रीय मंच पर लाने का प्रयास है.

गोवा के कलाकार देंगे ‘देहनी’ और ‘समाई’ नृत्य की प्रस्तुति

कार्यक्रम के प्रोग्राम एग्जीक्यूटिव जयदीप घोष ने बताया कि गोवा के कलाकार ‘देहनी’ और ‘समाई’ नृत्यों की प्रस्तुति देंगे, जो उनकी समुद्री संस्कृति और लोक जीवन को दर्शाते हैं. झारखंड के कलाकार ‘सरायकेला छऊ’, ‘झूमर’, ‘कोडसा’ और ‘डोमकच’ जैसे लोक नृत्यों के साथ-साथ शास्त्रीय नृत्य भी प्रस्तुत करेंगे. दोनों राज्यों की हस्तशिल्प वस्तुओं की प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जायेगा, जो दर्शकों को स्थानीय कारीगरी से रू-ब-रू करायेगा.

बंगाल के राज्यपाल लिखित 2 गीतों की प्रस्तुति भी होगी

एक खास आकर्षण के तौर पर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस द्वारा रचित 2 गीतों की प्रस्तुति भी दी जायेगी, जो इस सांस्कृतिक मेल को और समृद्ध बनायेगी. यह आयोजन न केवल मनोरंजन का साधन होगा, बल्कि भारत की सांस्कृतिक एकता को मजबूत करने का संदेश भी देगा. रांचीवासियों के लिए यह एक अनोखा अवसर है, जहां वे गोवा और झारखंड की कला का संगम देख सकेंगे और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव महसूस कर सकेंगे.

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By Mithilesh Jha

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