साबरमती के तट पर 986 एकड़ में बनी पीएम मोदी के सपनों की स्मार्ट सिटी, वैश्विक व्यापार का केंद्र बनेगा

Gift City Gujarat: देश-दुनिया की बड़ी फाइनेंस और आइटी कंपनियों ने गिफ्ट सिटी को अपने व्यापार का ठिकाना बनाया है. गिफ्ट सिटी को एनवायरमेंटल फ्रेंडली बनाया गया है. पूरे परिसर का 34 प्रतिशत हिस्सा ग्रीनफील्ड है. वहीं 28 प्रतिशत क्षेत्र व्यावसायिक, चार प्रतिशत क्षेत्र आवासीय और पांच प्रतिशत क्षेत्र अन्य सुविधाओं के लिए रखा गया है.

Gift City Gujarat| गांधी नगर से लौटकर आनंद मोहन : गुजरात के गांधीनगर का कभी वीरान रहा इलाका आज गुलजार है. गांधीनगर के साबरमती नदी के तट पर दुनिया की बेहतरीन स्मार्ट सिटी नया रूप ले रही है. 986 एकड़ में बस रहा यह शहर आधुनिक भारत की नयी तस्वीर है. दुनिया में भारत की मजबूत होती अर्थव्यवस्था दस्तक दे रही है. गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी यानी गिफ्ट सिटी के नाम से वर्ष 2007 में इस वैश्विक व्यापार केंद्र की परिकल्पना की गयी थी. इसे वर्तमान प्रधानमंत्री व गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में साकार किया गया.

देश की पहली हाइटेक सिटी में सिंगापुर, मलेशिया जैसी सुविधाएं

गुजरात की गिफ्ट सिटी अब वैश्विक व्यापार का प्रवेश द्वार बन रही है. यह देश की पहली ऐसा हाइटेक स्मार्ट सिटी है, जहां सिंगापुर, मलेशिया और अन्य विकसित शहरों की तरह सुविधाएं हैं. अहमदाबाद अंतरराष्ट्रीय एयरपार्ट से 20 मिनट की दूरी पर बसी इस सिटी को आनेवाले दिनों में बुलेट ट्रेन की सुविधा भी मिलेगी.

दुनिया की बड़ी कंपियों ने गिफ्ट सिटी को बनाया अपना ठिकाना

देश-दुनिया की बड़ी फाइनेंस और आइटी कंपनियों ने गिफ्ट सिटी को अपने व्यापार का ठिकाना बनाया है. गिफ्ट सिटी को एनवायरमेंटल फ्रेंडली बनाया गया है. पूरे परिसर का 34% हिस्सा ग्रीनफील्ड है. वहीं 28% क्षेत्र व्यावसायिक, चार प्रतिशत क्षेत्र आवासीय और पांच प्रतिशत क्षेत्र अन्य सुविधाओं के लिए रखा गया है. पूरा क्षेत्र प्रदूषण मुक्त और शहर सेंट्रलाइज रूप से वातानुकूलित है.

गुजरात के गांधी नगर में सिंगापुर और मलेशिया की तर्ज पर बने भवन. फोटो : प्रभात खबर

Gift City Gujarat: 27 हजार लोगों को रोजगार, बड़ी आइटी कंपनियां पहुंचीं

गिफ्ट सिटी में फिलहाल 27-28 हजार लोग काम कर रहे हैं. आनेवाले वर्षों में इसे एक लाख तक करने का लक्ष्य है. गूगल, आइबीएम, टीसीएस, कैपजेमनी, ऑरेकल, टीसीएस, मैक्सिम एनालॉग जैसी बड़ी कंपनियों ने यहां से काम करना शुरू कर दिया है. इसके साथ ही यहां देश-दुनिया के बड़े बैंक भी अपना कारोबार कर रहे हैं.

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बैंक, हॉस्पिटल, कॉलेज और स्कूल भी खुल रहे

यहां सिटी बैंक, डच बैंक, जेपी मॉर्गन कंपनी, एचएसबीसी, डीबीएस बैंक और स्टेट बैंक ने अपने भव्य कार्यालय खोले हैं. एक ही छत के नीच कारोबार की सहूलियत दी जा रही है. सामाजिक क्षेत्र में काम करने के लिए इस स्मार्ट सिटी में हॉस्पिटल, कॉलेज और स्कूल भी पहुंच रहे हैं. स्मार्ट सिटी में लीलावती हॉस्पिटल अपनी सेवा दे रहा है. वहीं दुनिया की जानी-मानी इंश्योरेंस कंपनियां, डेवलपर्स और एयरक्राफ्ट-शिपिंग कारोबार से जुड़े बड़े-बड़े संस्थान यहां निवेश कर रहे हैं.

आइएफएससीए ने वैश्विक व्यापार को बनाया सुगम

भारत को व्यापार की वैश्विक दौड़ में इंटरनेशनल फाइनेंसियल सर्विस सेंटर अथॉरिटी (आइएफएससीए) आगे बढ़ा रहा है. केंद्र सरकार ने गिफ्ट सिटी में संस्था का गठन किया. वर्ष 2020 में सीमा पार से बड़ी कंपनियों को भारत में आकर्षित करने के लिए इस अथॉरिटी का गठन किया गया. भारतीय आर्थिक नीतियों में छूट देते हुए देश-दुनिया की कंपनियों को भारत से व्यापार करने की सुविधा दी गयी.

देश की पहली स्मार्ट सिटी में 19 देशों की मुद्रा में व्यापार की छूट

स्पेशल आर्थिक क्षेत्र (स्पेशल इकोनॉमिक जोन यानी सेज) घोषित करते हुए सिंगापुर और अन्य देशों की तरह आर्थिक नीति बनायी गयी. आज इन नीतियों के कारण बड़ी कंपनियां भारत से व्यापार कर रही हैं. इस विशेष क्षेत्र में भारत सरकार ने 19 देशों की मुद्राओं में व्यापार की छूट दी है. कई तरह के टैक्स से भी छूट मिली है. 35 से ज्यादा बैंकिंग कंपनियां आज यहां से व्यापार कर रही हैं. 100 बिलियन डॉलर से ज्यादा की बैंकिंग पूंजी से व्यापार हो रहा है.

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By Mithilesh Jha

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