रांची. गेतलसूद डैम में निर्माणाधीन 100 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट की दूसरी 50 मेगावाट यूनिट को इसी माह के अंत तक शुरू करने का निर्देश दिया गया है. एमएनआरइ सचिव सह सेकी की अध्यक्ष संतोष कुमार षाड़ंगी ने शुक्रवार को गेतलसूद परियोजना का निरीक्षण किया और अधिकारियों के साथ बैठक कर यह निर्देश दिया. प्लांट की पहली 50 मेगावाट यूनिट से फिलहाल बिजली उत्पादन हो रहा है.
दूसरे डैम और नहरों में भी तलाशें संभावना
बैठक में सचिव ने गेतलसूद फ्लोटिंग सोलर परियोजना की प्रगति की जानकारी ली. उन्होंने कहा कि गेतलसूद का प्लांट सफल रहा है. इसी तर्ज पर राज्य के दूसरे डैमों और नहरों में भी फ्लोटिंग सोलर प्लांट की संभावना तलाशी जानी चाहिए. उन्होंने ऊर्जा विभाग को पीएम कुसुम योजना के तहत अधिक से अधिक घरों तक सौर ऊर्जा पहुंचाने का निर्देश दिया.
बैठक में सेकी के एमडी आकाश त्रिपाठी, ऊर्जा विभाग के सचिव के श्रीनिवासन, जेरेडा के एमडी केके वर्मा समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे.
केज फिश फार्मिंग परियोजना का भी निरीक्षण
संतोष कुमार षाड़ंगी ने गेतलसूद डैम स्थित केज फिश फार्मिंग परियोजना का भी निरीक्षण किया. यह परियोजना अक्षय ऊर्जा किसान स्वावलंबी सहयोग समिति लिमिटेड द्वारा संचालित की जा रही है. उन्होंने केज में मछली पालन की तकनीक, प्रबंधन, रख-रखाव और उत्पादन बढ़ाने की संभावनाओं की जानकारी ली.
उन्होंने सतत मत्स्य पालन, वैज्ञानिक प्रबंधन, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन और बेहतर बाजार समन्वय के जरिये किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया.
किसानों की दूसरी आजीविका गतिविधियों की भी जानकारी
एफपीओ के सीइओ डॉ भूपतिनाथ महतो ने सुगंधित फसलों की खेती, मशरूम उत्पादन और गेंदा फूल की खेती समेत अन्य आजीविका गतिविधियों की जानकारी दी. मौके पर माही राम महतो, डॉ आशीष आनंद, परियोजना समन्वयक शांतिभूषण सिन्हा, लक्ष्मी देवी, रीना कुमारी, शिव प्रसाद, सरिता देवी, सावन नायक, रामकुमार नायक, मनेश्वर नायक, करमी देवी समेत अन्य मौजूद थे.
