धनबाद के केंदुआडीह में 800 पीपीएम से अधिक जहरीली गैस का हो रहा रिसाव, एक और मौत, स्कूल बंद

Gas Leakage in Dhanbad: सुबह जैसे ही गैस रिसाव से दूसरी महिला की मौत की सूचना मिली, प्रभावित इलाके के लोग सड़क पर उतर गये. टायर जलाकर धनबाद-बोकारो मुख्य मार्ग को जाम कर दिया. लोगों ने बीसीसीएल और जिला प्रशासन पर कठोर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया गया. जिला प्रशासन और बीसीसीएल प्रबंधन के साथ लगभग 4 घंटे की वार्ता के बाद जाम हटा.

Gas Leakage in Dhanbad: धनबाद के केंदुआडीह थाना क्षेत्र के राजपूत बस्ती में जहरीली गैस का रिसाव लगातार दूसरे दिन जारी रहा. प्रभावित इलाके में दूसरे दिन गुरुवार को एक और महिला की मौत हो गयी. मृतक महिला का नाम ललिता देवी है. अब तक 2 महिलाओं की मौत हो चुकी है और कई लोग बीमार पड़ चुके हैं. हालांकि, महिला की मौत गैस से हुई है या किसी और वजह से इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगी.

सुरक्षा उपकरणों के साथ केंदुआडीह पहुंचे अधिकारी. फोटो : प्रतीक पोपट

जांच के लिए डीसी ने बनायी 5 सदस्यों की कमेटी

दूसरी तरफ, उपायुक्त आदित्य रंजन ने मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित का गठन किया है. साथ ही बीसीसीएल प्रबंधन को प्रभावित क्षेत्र के लोगों के लिए तत्काल टेंट सिटी बनाने को कहा है. राजपूत बस्ती में गैस रिसाव के कारण बुधवार को प्रियंका देवी नामक महिला की मौत हो गई थी. गैस रिसाव में 2 की मौत और कई लोगों के बीमार होने के बाद लोगों ने धनबाद-बोकारो मुख्य मार्ग को कई घंटे तक जाम कर दिया. वार्ता के बाद आंदोलन समाप्त हुआ.

बीसीसीएल और जिला प्रशासन की टीम के साथ वार्ता करते जन प्रतिनिधि. फोटो : प्रतीक पोपट

ग्रामीणों का आक्रोश भड़का, धनबाद-बोकारो मुख्य मार्ग जाम

गुरुवार सुबह जैसे ही गैस रिसाव से दूसरी महिला की मौत की सूचना मिली, प्रभावित इलाके के लोग सड़क पर उतर गये. टायर जलाकर धनबाद-बोकारो मुख्य मार्ग को जाम कर दिया. लोगों ने बीसीसीएल और जिला प्रशासन पर कठोर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया गया. जिला प्रशासन और बीसीसीएल प्रबंधन के साथ लगभग 4 घंटे की वार्ता के बाद जाम हटा. जिला प्रशासन ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से स्थानीय स्कूल को तत्काल बंद करा दिया.

एंबुलेंस में महिला की जांच करते डॉक्टर. फोटो : प्रतीक पोपट

Gas Leakage in Dhanbad: स्वास्थ्य विभाग की टीम के समक्ष बेहोश हुई बच्ची

जांच के क्रम में स्वास्थ्य विभाग की टीम के सामने ही एक बच्ची बेहोश हो गयी. आनन-फानन में उसे इलाज के लिए धनबाद ले जाया गया. स्थानीय लोगों ने बताया कि गैस रिसाव से अब तक 20 से अधिक लोग बीमार पड़ चुके हैं. बढ़ते खतरे को देखते हुए स्थानीय लोगों ने बीसीसीएल और जिला प्रशासन से वैकल्पिक आवास देने की मांग की है. लोगों का आरोप है कि बीसीसीएल की ओर से वर्षों से नोटिस तो दिया जा रहा है, लेकिन लोगों को सुरक्षित जगह बसाने के लिए आवास उपलब्ध नहीं कराया जा रहा.

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एसी के नेतृत्व में होगी प्रशासनिक जांच – डीसी

धनबाद के उपायुक्त आदित्य रंजन ने गैस रिसाव मामले की प्रशासनिक जांच के लिए 5 सदस्यीय टीम बनायी है. टीम का नेतृत्व अपर समाहर्ता करेंगे. टीम में जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी, सहायक श्रमायुक्त और एक लिपिक होंगे. डीसी ने कहा है कि 3 दिनों के अंदर जांच रिपोर्ट देने को कहा गया है. जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी. उन्होंने बीसीसीएल प्रबंधन को प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल टेंट सिटी बनाने और ठंड से बचाव के लिए अन्य व्यवस्था करने को कहा है.

बीसीसीएल के लिए जन सुरक्षा सर्वोपरि, देगी हरसंभव सुविधा – सीएमडी

बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि कंपनी का सर्वोपरि दायित्व जन-सुरक्षा है. इसमें किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. प्रभावितों के सहयोग के लिए सभी टीमें लगातार काम कर रही हैं. प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता जारी रहेगी. उन्होंने बताया कि दीर्घकालिक समाधान के लिए आईआईटी (आईएसएम) धनबाद और सीआईएमएफआर को वैज्ञानिक अध्ययन के लिए शामिल किया गया है. प्रशासन और बीसीसीएल द्वारा बस्तीवासियों से सुरक्षित पुनर्वास स्थलों पर जाने की अपील की जा रही है, क्योंकि यह क्षेत्र भू-वैज्ञानिक जोखिमों से अत्यधिक प्रभावित है.

पशु-पक्षियों की भी हो रही मौत

सूचना के मुताबिक, गैस रिसाव के कारण इलाके में पशु-पक्षियों की भी मौत होने की बात कही जा रही है. बस्ती के पास 4-5 कुत्तों का शव पड़ा है. एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि उनके पालतू तोते की भी मौत गैस के कारण हो गयी.

खतरनाक हो सकता है बोर होल करना – डीजीएमएस

डीजीएमएस के डिप्टी डायरेक्टर जावेद आलम ने गैस रिसाव के स्रोतों का पता लगा भराई करना अस्थायी समाधान है. वर्षों पहले माइनिंग हुई थी. जमीन के अंदर बोर होल करना भी घातक हो सकता है. सुरक्षा के दृष्टिकोण से लोगों को जीवनरक्षा के लिए सुरक्षित स्थान पर चले जाना चाहिए. ताकि गैस रिसाव का सही तरीके से जांच किया सके.

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By Mithilesh Jha

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